खनन पर संशय बरकरार:59 घाटों की बंदोबस्ती अवधि खत्म, खनन पर संशय बरकरार

शेखपुरा2 महीने पहले
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बालू खनन के समीप लगे ट्रक। - Dainik Bhaskar
बालू खनन के समीप लगे ट्रक।

मॉनसून के दौरान 3 महीने तक नदी घाटों से बालू उठाव बंद रहने के बाद एक अक्टूबर से बालू उठाव शुरू होता है लेकिन इस बार 1 अक्टूबर से बालू खनन होगा या नहीं इस पर संशय बरकरार है। दरअसल जिले के सभी 59 बालू घाटों मैं बालू उठाव के लिए अधिकृत एजेंसी की बंदोबस्ती अवधि खत्म हो चुकी है। नए बंदोबस्ती धारी को अभी भी एनजीटी से बालू उठाव की हरी झंडी नहीं मिली है। ऐसे में पुराने बंदोबस्ती धारी को ही 6 महीने का एक्सटेंशन मिलने की बात कही जा रही है लेकिन फिलहाल औपचारिक रूप से निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि सूत्रों के अनुसार अगले 6 महीने के लिए मौजूदा बंदोबस्ती धारी को ही एक्सटेंशन मिलना तय है । बालू उठाव के लिए निर्धारित तिथि में अब महज 2 दिन शेष है लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है इसके चलते संशय बना हुआ है। बाल उठाओ शुरू करने के पहले बड़े पैमाने पर तैयारी करनी पड़ती है। बरसात में नदी घाट के रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं और नदी में रास्ता बनाना पड़ता है।

इसके अलावा नदी घाट पर बोर्ड लगाने ऑफिस खोलने आदि का भी इंतजाम जरूरी है। अभी तक का स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने के कारण विभाग और बंदोबस्ती धारी में वह पूर्व की स्थिति बनी हुई है। मानसून अवधि के 3 महीने जुलाई-अगस्त सितंबर में बालू खनन पर रोक रहता है और 1 अक्टूबर से एनजीटी का प्रतिबंध हटने के बाद बालू खनन शुरू हो जाता है। इस बार भी अगर बालू खनन शुरू हुआ तो जिले में बालू के दाम कम होने की उम्‍मीद है। कुछ दिनों पहले बिहार के खान मंत्री जनक राम ने भरोसा दिया है कि एक अक्टूबर से रेत खनन का काम शुरू हो जाएगा। उसके बाद सरकारी दाम पर बालू मिलने लगेगी ।मुख्यमंत्री आवास में खान विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें जल्‍द से जल्‍द बालू खनन शुरू करने और अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के तरीकों पर चर्चा हुई थी।

मानसून के दौरान बाल उपलब्ध कराने के लिए कई स्टॉक तैयार किए गए थे
मानसून के दौरान बाल उपलब्ध कराने के लिए कई स्टॉक तैयार किए गए थे। प्री मानसून के कारण खराब मौसम व नदियों में पानी होने के कारण बालू का पर्याप्त भंडारण नहीं होने की स्थिति में बालू की किल्लत हो गई। बालू जमा होने के कारण अब यह स्टॉक भी खाली हो गए हैं। 74 और 42 ट्रैक्टर बालू बचा है लेकिन यह गंदा है लिहाजा बिक्री होगी नहीं रहा।

बरसात में रेत खनन पर प्रशासन ने लगाई थी रोक
बता दें कि नवादा सहित पूरे बिहार में मानसून सीजन के दौरान एनजीटी के निर्देश पर नदी से बालू उठाव पर रोक लगा दिया गया था। ऐसा पर्यावरणीय संरक्षण तथा हादसों को रोकने के लिए हर साल किया जाता है। इन दिनों बालू स्टॉक से बालों की बिक्री हुई लेकिन यह पर्याप्त साबित हुआ। नतीजतन अवैध बालू का कारोबार बढ़ने लगा। निर्माण उद्योग से जुड़े लोग खासे परेशान हैं।

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