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हो सकते हैं बर्खास्त:सूबे में 92 हजार नियोजित शिक्षकों पर लटकी है तलवार, जिले के 5 शिक्षकों की नौकरी पर भी खतरा

शेखपुरा2 महीने पहले
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जिला शिक्षा कार्यालय। - Dainik Bhaskar
जिला शिक्षा कार्यालय।
  • शेखपुरा जिले के 121 शिक्षकों की ओर से नियोजित शिक्षकों की फोल्डर निगरानी को नहीं मिला

बिहार में कोरोना संकट के बीच 92000 शिक्षकों पर नौकरी का खतरा मंडरा रहा है। जिसके बीच से शेखपुरा जिले के भी 5 शिक्षक इस खतरे में शामिल है। दरअसल जिले के 5 नियोजित शिक्षकों के द्वारा 17 जुलाई तक अपने सर्टिफिकेट एनआईसी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया तो उनको नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। जिसको लेकर बिहार शिक्षा समिति के द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शेखपुरा जिले के 121 शिक्षकों के द्वारा नियोजित शिक्षकों के फोल्डर निगरानी को नहीं मिली थी। जिसके बाद करवाई की जाने के उपरांत जिले के कुल 116 शिक्षकों के द्वारा फोल्डर निगरानी विभाग पर ऑनलाइन सबमिट किया गया है। लेकिन 5 शिक्षकों के द्वारा अब तक एनआईसी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया।

जिसको लेकर बिहार सरकार के आदेश के मुताबिक 17 जुलाई तक जिले के एनआईसी पोर्टल पर जो शिक्षक सभी जरूरी सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करेंगे उन्हें नियुक्ति को फर्जी मानते हुए हटा दिया जाएगा। वहीं, निगरानी जांच में सर्टिफिकेट फर्जी मिलने पर नौकरी से हटाने के साथ ही वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। दरअसल वर्ष 2006 से 15 के बीच बिहार में बड़ी संख्या में शिक्षकों का नियोजन हुआ था। इस दौरान फर्जी सर्टिफिकेट पर शेखपुरा जिले के भी कई शिक्षक नौकरी ले ली। जिसके बाद मामले का खुलासा होते ही हाईकोर्ट के सख्ती के कारण निगरानी जांच शुरू की गई। जिसमें शेखपुरा जिले के 121 शिक्षकों के फोल्डर नहीं मिले। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने रणनीति के तहत सभी शिक्षकों का ब्यौरा जिला से मांग किया गया।

1566 शिक्षकों के ही मिले कागजात | शुरूआती दौर पंचायत नियोजन इकाई के माध्यम से 1687 शिक्षकों से जुड़े फोल्डर की मांग की गई थी। कई प्रयासों के बावजूद सिर्फ 1566 शिक्षकों से जुड़े फोल्डर निगरानी को उपलब्ध कराया जा सका है। जिन नियोजन इकाइयों ने फोल्डर नहीं दिया उनके विरुद्ध स्थानीय थानों में एफआईआर तक दर्ज कराई गई। इसके बावजूद मामला कई दिनों तक पेंडिंग में पड़ा हुआ है। राज्य स्तर से नियोजित शिक्षकों से जुड़े मामले की निरंतर मॉनिटरिंग गयी। विजिलेंस को भी फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध केस दर्ज किए जाने का आदेश दिया गया। जिसके बाद बचे 121 नियोजित शिक्षकों में 116 शिक्षक का फोल्डर ही ऑनलाइन जमा किया गया है।

5 शिक्षकों में एक मृत एक ने दिया त्यागपत्र

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सनैया पंचायत नियोजन इकाई के शिक्षक दिनेश शर्मा जो पिछले 2 वर्ष से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं। विमान पंचायत नियोजन इकाई के शिक्षक विनय कुमार एवं वरुणा पंचायत नियोजन इकाई के शिक्षिका कुमारी नीलम का मामला कोर्ट में लंबित है। जबकि वरुणा पंचायत नियोजन इकाई के शिक्षक सुभाष कुमार की मृत्यु हो चुकी है। इसके साथ ही एक शिक्षक रविंद्र कुमार के द्वारा त्यागपत्र दे दिया गया है। वही इन लोगों के द्वारा अब तक निगरानी टीम को फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया गया है।

फर्जी शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

अवैध और नियमित शिक्षकों की सूचना नियोजन इकाई को दी जाएगी। संबंधित इकाई द्वारा संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछ कर उनकी सेवा समाप्त करते हुए उनके द्वारा नियमित वेतन वेतनमान के रूप में प्राप्त राशि की वसूली की जाएगी। उक्त वेब पोर्टल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भी दिया जाएगा ताकि अपलोड किए जाने वाले प्रमाण पत्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबंधित है।

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