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उदासीनता:मजदूरों को मिल रहा है मनरेगा में काम, फिर पलायन क्यों

शेखपुरा9 दिन पहले
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  • लॉकडाउन के दौरान नौकरी छूट जाने पर बड़े पैमाने पर लौटे प्रवासी मजदूर, पर स्थानीय स्तर पर नहीं मिल रहा काम

लॉकडाउन की वजह से हज़ारों मजदूर विभिन्न प्रांतों से अपने घर वापस आये थे। अचानक नौकरी छूट जाने की वजह से ये मजदूर बेरोगजार हो गए थे। इनमें से कई मजदूर ऐसे थे जो शहर जाकर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन, रोड कंस्ट्रक्शन, सिंचाई परियोजना, ईट एवं पत्थर उद्योग में दिहाड़ी मजदूरी पर काम करते थे। घर वापस आने पर जिला प्रशासन के द्वारा दिए गए आश्वासन के तहत उन्हें लगा था कि अब घर में ही मनरेगा के तहत काम मिल जायेगा और उन्हें पुन:दूसरे शहर को जाना नहीं पड़ेगा। लेकिन सरकारी एवं बिचौलियों की मिलीभगत से जिस कदर मनरेगा की योजनाओं में भ्रष्टाचार का बोलबाला है उससे मजदूरों के अरमानों पर ठोकर लगा है। मजदूर पुन:पलायन करना शुरू कर दिए है।

पलायन कर रहे मजदूरों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि दो माह पूर्व खेतीबाड़ी का समय था इसलिए उन्हें कुछ काम भी मिल गया और उनके परिवार को दो शाम का भोजन मिल रहा था अब खेती का काम भी सुस्त पड़ गया है। लिहाजा बाहर जाकर मजदूरी करना या रेड़ी पटरी पर जाकर साग-सब्जी बेचने का काम करेंगे। जिससे उसके परिवार का भरण पोषण हो सकेगा। जब उससे पूछ गया कि क्या आपको मनरेगा के तहत काम नहीं मिला? उसने बड़े रूठे हुए स्वर में कहा कि जब नेता और अधिकारी का पेट भरेगा तब न मजदूरों को काम मिलेगा।

सही से हो जांच तो अधिकारी व मुखिया होंगे बेनकाब
मजदूरों की पलायन तथा मनरेगा की घोटाला पर चिंता व्यक्त करते हुए लोजपा के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान मनरेगा तथा राशन वितरण योजना में अनियमितता की आवाज़ अक्सर बुलंद करते रहते है लेकिन यहां की अधिकारी उनके बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के सपना को चकनाचूर कर रहे है। उन्होंने कहा कि अगर सही से जांच हो तो कई अधिकारी एवं मुखिया जांच के दायरे में आ जायेंगे। सभी का पटना में आलिशान मकान तथा फ्लैट है।

मनरेगा ने कई घोटालेबाजों को करोड़पति बना दिया है। इमाम गजाली ने इस मामले में पीएम से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि कोरोना काल में भी मजदूरों का शोषण करने अधिकारी व मुखिया बेनकाब हो सकें। उन्होंने कहा कि मरेगा में अरबों रुपये खर्च होती है लेकिन धरातल पर दिखती नहीं है।

ठेकेदार के एजेंट मजदूरों को एडवांस में दे रहे है राशि
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के अरियरी, शेखोपुरसराय, बरबीघा, चेवाड़ा एवं घाटकुसुम्भा प्रखंड से हज़ारों की संख्या में मजदूर अगले एक माह में पलायन करने की तैयारी कर रहे है। बताया जा रहा है कि ईट-भट्टों पर काम करवाने वाले ठेकेदार के एजेंट पैसा लेकर जिले के विभिन्न गांव में मजदूरों को एडवांस राशि बाँट रहे है ताकि वह बंधुआ मजदूर के रूप में काम करने के लिए ईट-भट्टे पर जाए। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि पांच अक्टूबर के बाद से यह पलायन का सिलसिला शुरू हो जायेगा और दशहरे के बाद तक यह पलायन चलता रहेगा।

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