कुव्यवस्था:ऑनलाइन फाॅॅर्म भरवाने के नाम पर छात्र- छात्राओं से कंप्यूटर ऑपरेटर कर रहे वसूली

शेरघाटी10 दिन पहले
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एसएमएसजी कॉलेज में छात्रवृत्ति फाॅर्म भरने के लिए परेशान होती छात्राएं। - Dainik Bhaskar
एसएमएसजी कॉलेज में छात्रवृत्ति फाॅर्म भरने के लिए परेशान होती छात्राएं।

परीक्षा के पहले प्रवेश पत्र जारी किए जाने के समय, छात्रवृत्ति फाॅर्म फिलअप करने के समय, रजिस्ट्रेशन और नामांकन के पहले का समय शेरघाटी अनुमंडल के एकमात्र अंगीभूत श्रीमहंथ शतानंद गिरी काॅलेज के पास कमाई का बढ़िया मौका होता है। जिसे कैश किया जाता है। वसूली का जिम्मा ज्यादातार कर्मचारियों के पास होता है। हिस्सेदारी शायद सबकी होती है।

क्योंकि आम तौर पर इस मामले में काॅलेज प्रशासन अपनी ओर से कभी कोई कार्रवाई नहीं करता है। यह संकेत देता है कि खेला मिला जुला ही चलता है। इस संबंध में दैनिक भास्कर ने कुछ छात्राओं से बात की, जो पूरी व्यवस्था की पोल खोलता है। वसूली का कारण पूछने पर वसूली बाबू यानी कंप्यूटर आॅपरेटर संजीव मिश्रा सिरे से खारिज कर देते हैं।

वह कहते हैं कि यहां ऑनलाइन छात्रवृति फार्म नहीं भरा जाता है। उनका काम ऑनलाइन छात्रवृति फार्म को सिर्फ वेरीफाई करना है, ऐसे में वसूली कैसे होगी। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि काॅलेज में एक ऐसा गैंग सक्रिय है जो छात्राओं से पैसे वसूलता है। फिर बाजार में ऑनलाइन फार्म भरवा कर छात्रों को रसीद मुहैया कराता है।

शेरघाटी के श्रीमहंथ शतानंद गिरी काॅलेज का मामला

छात्रवृति फाॅर्म ऑनलाइन करने के नाम पर 250 रुपए की वसूली

अनुमंडल कार्यालय के सामने एनएच-2 किनारे एसएमएसजी काॅलेज में इन दिनों स्नातक पार्ट-1 के एडमिट कार्ड वितरण और छात्रवृत्ति फाॅर्म फिलअप करने के कार्य हो रहे हैं। जिसके कारण छात्र-छात्राओं की गहमागहमी बढ़ी हुई है। इस दौरान बाराचट्टी के पतलूका निवासी स्नातक पार्ट-1 की छात्रा आमना खातून बताती है कि छात्रवृत्ति के ऑनलाइन फाॅर्म फिलअप करने में संजीव सर 250 रुपए लिए।

इसी तरह शेरघाटी के लक्ष्नैति निवासी और पार्ट-1 की छात्रा पूजा कुमारी कहती है कि संजीव सर को 250 रुपए दिए तब छात्रवृत्ति का ऑनलाइन फाॅर्म फिलअप हुआ। इसी तरह रेखा, सुलताना, मनीषा ने बताया कि उसने भी फाॅर्म भरने के लिए ढाई ढाई सौ रुपए दिए हैं।

काॅलेज में सक्रिय है गैंग

इस बीच कॉलेज परिसर में ही बाराचट्टी के पतलूका गांव की रहनेवाली इंटर पास छात्रा निकहत परवीन ने बताया कि कन्या उत्थान योजना के फाॅर्म भरने के नाम पर काॅलेज में सक्रिय गैंग के एक सदस्य ने उससे 500 रुपए लिया लेकिन उसने न फाॅर्म फिलअप कराया और न ही उसे कन्या उत्थान योजना की राशि मिली।

बताया जाता है कि काॅलेज में सक्रिय गैंग के सदस्य दिनभर परिसर में रहते हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों की भोली भाली छात्राओं को नामांकन, रजिस्ट्रेशन, फार्म फिलअप और छात्रवृत्ति के फाॅर्म फिलअप कराने के नाम पर 250 से लेकर 500 रुपए तक वसूलते हैं। यह गोरखधंध पिछले कई सालों से जारी है।

विद्यार्थी परिषद ने कहा-छात्रों से दोहन बंद किया जाए

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री रंजन कुमार ने बताया कि काॅलेज में छात्रों से अवैध वसूली किया जाता है। काॅलेज में गैंग भी सक्रिय है जो छात्रों से ऑनलाइन फाॅर्म फिलअप कराने के नाम पैसा लेता है। कर्मचारियों की भी मिलीभगत है।

एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी तीन-तीन सौ रुपए छात्रवृति के ऑनलाइन फार्म भरने के नाम पर ले रहे हैं। नगर मंत्री ने बताया कि भिन्न भिन्न कार्यो के नाम पर हो रही दोहन को बंद किया जाय अन्यथा विद्यार्थी परिषद अपनी आवाज बुलंद कर प्रर्दशन करने पर बाध्य हो जाएगी।

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