महंगाई की मार:जिउतिया पर्व को लेकर बढ़े सब्जियों के दाम

सिरदला2 महीने पहले
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  • लोकल सब्जियों कम होने से बढ़ी परेशानी, धनिया का पत्ता सबसे महंगा

संतान की दीर्घायु को लेकर तपस्या रूपी निर्जला व्रत जिउतिया का एक अलग ही महत्व हैं । पूरे साल में एक मात्र व्रत जिउतिया हैं, जिसमें माताएं अपनी संतान के लिए इस व्रत को पूरी निष्ठा के साथ करती हैं। इसमें मां की ममता और बलिदान का मिसाल देखने को मिलता हैं । इस पर्व में माताएं अपनी संतानों के लिए तरह-तरह के व्यंजन बनाती हैं। इसमें हर तरह की सब्जियां का पकवान होता हैं। लेकिन, जिस संतान के लिए माताएं व्रत रखने का काम करेंगी । उसी संतान को परोसे जाने वाली सब्जियों में घातक केमिकल होते हैं । इसे खाने के बाद गंभीर रोग हो सकते हैं। रंगों में रंग कर ताजी सब्जी बाहर से मंगायी जाती हैं। केमिकल वाली सब्जियों की परेशानी के साथ-साथ सब्जियां के बढ़ते दामों ने खाने का जायका ही नहीं, बल्कि जिउतिया पर्व के उत्साह पर भी ग्रहण लग दिया है। ₹20 से लेकर ₹400 किलो तक सब्जी : धनिया पत्ते की कीमत प्रति किलो 300 से 400 रुपये हैं। हरी मिर्च और खकसी भी महंगे दामों में बेची जा रही हैं। बैंगन और पटल भी महंगा हो गया हैं। हालात यह हो गया हैं कि सब्जियों के बढ़ते दामों से हर लोग परेशान हैं। प्रखंड के सिरदला बाजार में करीब तीन दर्जन से ऊपर सब्जी बेचने वाला लोग है। सब्जियों के आयात में कमी और महंगाई के कारण उनका रोजगार भी प्रभावित हो रहा हैं। बताया है कि रोज सब्जियां दूसरे जिलों से मंगायी जाती हैं।

जिउतिया व्रत आज, नहाय-खाय पर खाई मड़ुआ की रोटी, संध्या में होगी पूजा
सिरदला| जिउतिया व्रत को लेकर श्रद्धालु महिलाओं ने मंगलवार को नहाय-खाय किया । इस अवसर पर विशेष रूप से मड़ुआ की रोटी, ओल-कंदा, पोइ की सब्जी, बचका आदि प्रसाद के रूप में खाया । इसे लेकर सुबह से ही रसोई घर में तरह-तरह के व्यंजन बनने शुरू हो गये थे । बुधवार को जिउतिया का व्रत किया जायेगा । इसे लेकर श्रद्धालु महिलाएं पूरे 24 घंटे तक निराहार रहेगी । संध्या में जीमूतवाहन की पूजा होगी । महिलाएं उपवास रहकर संध्या में भगवान की आराधना करेगी । गौरतलब है कि अपने पुत्र-पुत्रियों की सलामती व दीर्घायु कामना के लिए जिउतिया का व्रत पारंपरिक रूप से किया जाता है।

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