पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Sisvan
  • The Water Level Of The Saryu And Daha River Is Slipping Rapidly, Still Above The Danger Mark, There Is No Water In The Villages

सिसवन:तेजी से खिसक रहा सरयू और दाहा नदी का जलस्तर, फिर भी खतरे के निशान से है ऊपर, गांवों में पानी नहीं हुआ कम

सिसवनएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • खाना-पानी के अलावा शौचालय के लिए भटक रहे बाढ़ पीड़ित, सिर पर छत नहीं होने से झेलनी पड़ रही है मुसीबत

बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे के दौरान 38 सेंटीमीटर खिसका है। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक गंगपुर सिसवन में सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे के दौरान 38 सेंटीमीटर कम हुआ है। वहीं दरौली में नदी का जलस्तर 24 सेंटीमीटर कम हो गया है। सोमवार की दोपहर 3:00 बजे सरयू नदी का जलस्तर गंगपुर सिसवन में 57.08 तथा दरौली में 60.88 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

हालांकि इन दोनों जगहों पर नदी का जलस्तर डेंजर प्वाइंट से थोड़ा ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के मुताबिक बुधवार की सुबह तक इन दोनों जगहों पर नदी का जलस्तर डेंजर प्वाइंट से नीचे हो जाएगा। मांझी में नदी का जलस्तर 55.06 मीटर रिकॉर्ड किया गया। सिसवन में प्रवाहित दाहा नदी का जलस्तर भी कम हो रहा है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
भगवानपुर के 60 गांवों में बाढ़ का पानी, पशुओं के लिए चारा तक नहीं
दो दर्जन से अधिक पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से किसानों के खेत में लगी फसल बर्बाद हो गई है। इसके कारण किसानों की कमर टूट चुकी है। ज्ञात हो कि प्रखंड में बीस पंचायतें हैं। इनमें सहसरांव, मिरजुमला, बलहा एराजी, शंकरपुर, खेड़वा, बनसोही, बड़कागांव, कौड़िया, उतरी साघर सुल्तानपुर, महमदा, महमदपुर, गोपालपुर के 60 गांवों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है।

घुटना भर पानी में रह रहे साघर सुल्तानपुर के लोग

उत्तरी साघर सुल्तानपुर पंचायत में बाढ़ के कहर से पीड़ित परिवार के लोग रेलवे लाइन, सड़क किनारे, नहर व घर की छतों पर खुले आसमान के नीचे शरण लिए हुए हैं। बाढ़ की विभीषिका से पंचायत की 90 प्रतिशत आबादी प्रभावित है। पीड़ित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए दो सामुदायिक किचन संचालित हो रहा है।सात नावों से लोग आवश्यक कार्य के लिए इधर से उधर आ-जा रहे हैं। बावजूद प्रशासन ने इलाके को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित नहीं किया है। वर्ष 2017 में भी इस पंचायत में बाढ़ के पानी से तबाही थी।

उस समय जिला कृषि पदाधिकारी ने खुद पंचायत में आकर स्थिति का आकलन किया था। लेकिन तीन वर्ष बाद भी लोगों को फसल की क्षतिपूर्ति नहीं मिली है। इस वर्ष भी बाढ़ ने पूरी तरह से पंचायत घेर रखा है। अबतक फसलों की क्षति का आकलन नहीं किया गया है। मुखिया सुभाष सिंह ने कहा कि कई बार कहने पर भी प्रखंड प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। इसको लेकर किसानों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ सड़क पर उतर सकते हैं।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- लाभदायक समय है। किसी भी कार्य तथा मेहनत का पूरा-पूरा फल मिलेगा। फोन कॉल के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण सूचना मिलने की संभावना है। मार्केटिंग व मीडिया से संबंधित कार्यों पर ही अपना पूरा ध्यान कें...

और पढ़ें