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मिली कामयाबी:शिवसागर में ट्रक पर लदी 145 कार्टन नकली कफ सीरप जब्त

शिवसागर6 दिन पहले
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जब्त कफ सीरप की जांच करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
जब्त कफ सीरप की जांच करते अधिकारी।
  • उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक शख्स किया गया गिरफ्तार
  • 14 हजार 500 सौ बोतलें ट्रक में छिपाकर रखी गई थीं

रोहतास के शिवसागर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग दो जीटी रोड पर उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने ट्रक पर लदे 145 पेटी नकली कफ सीरप जब्त किया है। जिसे कानपुर से असम के गुवाहाटी ले जाने के नाम पर बिहार की सीमा में प्रवेश करते ही उत्पाद विभाग की टीम को जानकारी मिली। जो स्थानीय पुलिस के साथ कुम्हऊ टॉल प्लाजा पर नाकेबंदी कर दी। जैसे ही ट्रक संख्या एचआर 38 जेड 2287 टॉल पर पहुंचा तो शिवसागर थानाध्यक्ष गिरीश व उत्पाद निरीक्षक प्रभात विद्यार्थी के नेतृत्व वाली टीम ने उसे घेर लिया। सोमवार की देर रात की गई इस कार्रवाई में चालक विपिन चौहान और उसमें बैठे विशाल चौहान से पूछ ताछ शुरू की तो उनके तरफ से मिले जबाव ने छापेमार टीम के संदेह काे और मजबूत किया। फिर गाड़ी को शिवसागर थाना लाकर उसकी जांच शुरू की गई तो पहले एक बुलेट मोटरसाईकिल, दो स्कूटी और अन्य घरेलू समान मिले। जिसके नीचे 145 पेटियों में बंद नकली कफ सीरप पाए गए। थानाध्यक्ष गिरीश ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले ट्रक को जब्त किया। फिर मैनपुरी के रहने वाले बिपिन चौहान विशाल चौहान को गिरफ्तार कर लिया।

पंचायत चुनाव में प्रयोग के लिए मंगाने की आशंका
जिस ट्रक में नकली कफ शिरप बरामद हुआ है। उसके चालक ने भले ही बताया कि यह खेप कानपुर से चलकर असम की गुवाहाटी में जा रहा है, परंतु पुलिसकर्मियों की टीम ने जब उसे संबंधित बिल मांगा तो ना तो उसके पास कागजात थे ना हीं कोई जीएसटी पेपर। जो ये साबित करते हैं कि इस नकली कफ सीरप की खेप को इधर ही कहीं बिहार में उतारना था। जिसकी जानकारी पूछ ताछ के बाद मिलेगी। आशंका यह है कि वर्तमान पंचायत चुनाव में प्रशासन द्वारा शराब के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद शराब कारोबारियों ने कफ सीरप को ही हथियार बनाया होगा। जिसके लिए नकली सीरप की खेप रोहतास में मंगाई गई होगी।

पच्चीस लाख से ज्यादा हो सकती है सीरप की कीमत
145 पेटियों में बंद इस नकली कफ शिरप पर एमआरपी के रूप में 185 रुपए दर्ज थे। हालांकि नशा के रूप में उपयोग किए जाते समय इनकी कीमतों में बढ़ोतरी भी की जाती है। ऐसे हालात में इन पेटियों में बंद 14 हजार 500 बोतलों की कीमत 25 लाख रुपए से ज्यादा की हो सकती है। मेडिकल टीम ने जब्त किए गए कफ सीरप में अल्कोहल की मात्रा अधिक होने के कारण आशंका जताया कि बिहार में इसका नशे के लिए उपयोग भी सामने आया है। हो सकता है इसी के लिए इतनी बड़ी खेप यहां पहुंचाई गई हो। हालांकि इस तरह के कफ सीरप को बिहार सरकार ने शराब बंदी के बाद प्रतिबंधित कर रखा है। क्योंकि ज्यादातर लोग शराब की जगह इसका उपयोग करने लगे थे।

बोतलों की सील को तोड़कर जांच की गई तो अल्कोहल की मात्रा ज्यादा मिली
मेडिकल एक्स्पर्ट देवेंद्र प्रसाद व उनकी टीम को बुलाया गया। जिन्होंने सभी पेटियों में बंद कफ सीरप को लगभग ढ़ाई घंटे जांच के बाद बताया कि पूरी खेप नकली है। जिसके उपर एबोर्ट कंपनी के रैपर लगे हुए थे। साथ में कई रसायनिक समीकरणों को भी दर्शाया गया। जांच टीम ने बताया कि कफ सीरप के लिए आवश्यक जो रासायनिक समीकरण स्वीकृत हैं। उनमें से किसी का नाम इन बोतलों पर अंकित नहीं था। कुछ बोतलों के सील को तोड़कर उनकी जांच भी की गई तो उनमें अल्कोहल की मात्रा ज्यादा मिली।

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