ग्राउंड रिपोर्ट / 17 दिन में यूपी-बिहार सीमा आपदा राहत केंद्र पहुंचे 20, 000 मजदूर 14 दिन के लिए हुए होम क्वारेंटाइन

20,000 workers reached UP-Bihar border disaster relief center in 17 days; Home quarantine for 14 days
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20,000 workers reached UP-Bihar border disaster relief center in 17 days; Home quarantine for 14 days

  • पैदल, ऑटो, ट्रक, बस और ट्रेनों से हर दिन पहुंच रहे लोगों की गुठनी में की जा रही है स्वास्थ्य जांच
  • लॉकडाउन-4 में मिली छूट के कारण बढ़ रही प्रवासी मजदूरों की संख्या, अधिकारी भी हैं सतर्क

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:51 AM IST

सीवान. कोरोना संकट के इस दौर में पूरे देश में प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। लॉकडाउन के कारण काम-काज बंद है और इनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। इसी वजह से जो मजदूर कभी अपना घर बार छोड़ कर अपनी जिंदगी संवारने का सपना लेकर दूसरे राज्यों में रह रहे थे,अब वही मजदूर सपना टूटने के बाद अपने-अपने घर वापस लौट रहे हैं। इस क्रम में पिछले 17 दिनों में बिहार-यूपी सीमा पर गुठनी के एक निजी स्कूल में बने आपदा राहत प्रबंध केंद्र से अबतक 20 हजार प्रवासी मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से उनके संबंधित जिलों में पहुंचा गया है। यह जानकारी  आपदा राहत प्रबंध केंद्र के वरीय प्रभारी पदाधिकारी तारकेश्वर पांडेय ने दी।
पैदल, ऑटो, ट्रक, बस और ट्रेनों से प्रतिदिन आ रहे हैं प्रवासी मजदूर
दूसरे राज्यों से इन मजदूरों का पैदल, ऑटो, ट्रक, बस और ट्रेनों से प्रतिदिन आने का सिलसिला लगातार जारी है। उल्लेखनीय है कि बिहार- यूपी सीमा पर जिला प्रशासन द्वारा श्रीकलपुर चेकपोस्ट के समीप एक निजी विद्यालय में सीमा आपदा राहत प्रबंध केंद्र 17 दिनों से खोला गया है। वहां से अब तक 20 हजार प्रावासी मजदूरों को सुरक्षित अपने घरों तक बस व ट्रेनों के माध्यम से पहुंचाया गया है।

इन प्रवासी मजदूरों के भोजन, आवासन, स्वास्थ्य जांच के लिए अलग अलग अधिकारी तैनात किए गए हैं। जैसे ही यूपी-सीमा पर सूबे के किसी भी जिले प्रावासी मजदूर पहुंचते हैं तो पहले उन्हें आपदा राहत केंद्र लाया जाता है। जहां स्क्रीनिंग और रजिस्ट्रेशन के बाद भोजन कराकर बस व ट्रेन से उनके घरों तक भेजा जा रहा है।
शुक्रवार को 1300 प्रावासियों को भेजा गया घर
आपदा राहत केंद्र के वरीय प्रभारी पदाधिकारी सह अवर निबंधक तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन राहत केंद्र पर प्रवासी मजदूर काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को 1300 प्रावासियों को घरों तक भेजा गया। 21 मई को 2 हजार ,19 को 35 सौ, 18 को 2 हजार मजदूरों को भेजा गया है। यहां पर इस कार्य में जिला प्रशासन के द्वारा डीपीओ अवधेश कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी जयशंकर ओझा, मोटरयान निरीक्षक अर्चना कुमारी, सीओ राकेश कुमार, अवर निबंधक नंद प्रताप को लगाया गया है।
श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भेजे जाते हैं ज्यादातर श्रमिक
उल्लेखनीय है कि यूपी-सीमा पर आए प्रावासियों में शामिल अधिकांश जिले के लोगों को पांच श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भेजा जाता है। इसमें सहरसा, हाजीपुर, मुज्जफरपुर, खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, बांका, मधेपुरा, सुपौल, लखिसराय, दरभंगा,मुंगेर, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार आदी जिले के प्रावासी शामिल रहते है। इसके अलावा नालंदा, शेखपुरा, जमुई, जहानाबाद, गया, अरवर, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, पटना, छपरा, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया के लोगों को बसों से भेजा जा रहा है।

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