सख्ती:शादी के बहाने रात 10 बजे के बाद आवा-जाही करने पर होगी कार्रवाई, डीजे बजाने पर लगायी गयी पाबंदी

सीवान6 महीने पहले
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  • कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने उठाया कदम, अनदेखी करने पर होगी कार्रवाई
  • 29 अप्रैल से नया आदेश लागू, बाजार में भ्रमण कर अधिकारी और कर्मचारी करेंगे मॉनिटरिंग

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से देश ही नहीं बल्कि सभी राज्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। वहीं राज्य सरकार द्वारा विगत 09 अप्रैल को विभागीय आदेश के माध्यम से 30 अप्रैल तक संक्रमण के फैलाव रोकने के लिए कई तरह की घोषणाएं की थी। एक बार पुनः राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार की जिलावार समीक्षा के बाद कोविड संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लागू किया गया हैं। मुख्य रूप से 29 अप्रैल से सभी तरह की दुकानें शाम 6 बजे की बजाय 4 बजे ही बन्द होंगी। जिला प्रशासन द्वारा हाट व बाजारों में भ्रमण करना होगा ताकि, भीड़ नहीं हो। इसके लिए आवश्यकतानुसार मोहल्लावार दुकानों को एक दिन के अंतराल पर खोलने का आदेश दिया गया हैं। रात्रि कर्फ्यू शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू किया गया है।
विवाह समारोह के लिए रात्रि कर्फ्यू रात्रि 10 बजे से प्रभावी होगी। शादी समारोह के दौरान डीजे साउंड का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। शादी समारोह के लिए 50 व्यक्तियों एवं अंतिम संस्कार के लिए मात्र 20 व्यक्तियों को शामिल किया गया है। वहीं इस अवधि के दौरान सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में 25 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्य करना सुनिश्चित करना होगा। तो दूसरी तरफ सभी कर्मियों (सरकारी एवं गैर सरकारी सेवक) को घर से काम (वॉर्क फ्रॉम होम) करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय शाम के 4 बजे ही पूर्णरूप से बन्द करना होगा।
जरूरत के अनुसार बनेगा कंटेनमेंट जोन
भारत सरकार द्वारा दिए गए सलाह के आलोक में राज्य के सभी जिलाधिकारी के द्वारा जिले के अंदर आवश्यकता के अनुसार कंटेनमेंट जोन्स गठित करना होगा और उपर्युक्त प्रतिबंधों के अतिरिक्त प्रतिबंध जैसे- फ़ल, सब्जी, मांस, मछली, किराना एवं दवा की दुकानों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानों को बंद करने आदि के लिए सक्षम होंगे। इसके अलावा आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन को करना होगा।

बड़हरिया में निर्देश के पहले ही दिन समय से बंद नहीं हुईं दुकानें

बड़हरिया । बिहार सरकार के नए आदेश के पहले दिन प्रखंड मुख्यालय की सभी दुकाने समय से बंद नहीं हुई। दुकानदार और ग्राहकों में रही अफरा-तफरी का माहौल रहा। सरकार के निर्देशानुसार पूरे बिहार मैं नाइट कर्फ्यू का ऐलान हुआ है। उसके तहत पूरे बिहार में सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक की दुकानें खुली रहेगी। जिसको लेकर सीवान जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय ने प्रखंड के सभी पदाधिकारी को दिशा निर्देश जारी किया की नाइट कर्फ्यू का पालन करने के।लिए आदेश निर्गत हुआ है ।अन्यथा जो दुकानदार प्रशासन की बातों को नजरअंदाज करेंगे।उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सख्त आदेश के बाद भी बड़हरिया के दुकानदार व जनता इस आदेश का कड़ाई से पालन नही कर रहे है। हालांकि बड़हरिया थानाध्यक्ष और प्रशासन द्वारा इस बात को लेकर माइक से प्रचार-प्रसार भी किया गया। लेकिन कुछ ऐसे दुकानदार हैं जो मनमानी कर बातों की अवहेलना कर रहे हैं। जिसको चिन्हित कार प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।बहरहाल कोरोना संक्रमण के इस संकटकाल में बड़हरिया में सरकारी आदेश मजाक बनकर रह गया है।हालांकि बड़हरिया में रोज दर्जनभर से अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हंै। फिर भी बधारियावासी खतरे से बचने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। गाइडलाइन का पालन नहीं करने से लगातार कोराेना का संक्रमण फैल रहा है।

लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच प्रशासनिक लापरवाही से दहशत

भगवानपुर हाट | प्रखंड क्षेत्र के अलग अलग गांव में लगातार कोरोना संक्रमण अपना पाव तेजी से पसार रहा है। अबतक लेकिन स्थानीय प्रशासन लापरवाह व मूकदर्शक बना हुआ है। इतना ही नहीं कोरोना संक्रमण के कारण प्रखंड क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में पिता पुत्र की मौत हो चुकी है।जिसमे पिता की मौत बीते 20 अप्रैल को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल महाराजगंज में मौत हो गई।जबकि पुत्र का पिता के मौत के बाद सीएचसी भगवानपुर में हुई जांच में पोजेटिव रिपोर्ट आने पर इलाज के लिए परिजन पटना ले गए थे।जहाँ बुधवार को पुत्र का कोरोना से मौत हो गई है। उसके बाद भी प्रशासन के तरफ कोई बचाव के लिए कदम नहीं उठाया गया है।प्रशासन के लापरवाही से जगदीशपुर गांव के लोगों में भय का माहौल हो गया है। तथा किसी बड़ी अनहोनी के असंका से लोग अपने अपने घरों में दुबकने पर मजबूर हो गए है।जबकि कोरोना संक्रमित गांव में कंटेन्मेंट ज़ोन बनाने का जिला प्रशासन के द्वारा व्यवस्था किया गया है।
बीडीओ डॉ अभय कुमार से बात करने पर बताया कि संक्रमित गांव में कंटेन्मेंट जोन बनाने के लिए संबंधित मुखिया व वार्ड सदस्य को पत्र भेज दिया गया है।तथा मेडिकल टीम के द्वारा सेनेटाइजेशन कराने का निर्देश दिया गया है।

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