असुविधा:इमरजेंसी के बाद मरीज को ले गए आईसीयू में, वहां वेंटिलेटर नहीं होने से मौत

सीवान6 महीने पहले
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  • कोरोना से गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी

सदर अस्पताल स्थित आईसीयू भवन में मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है। लेकिन, भर्ती मरीजों को अभी भी वेंटिलेटर का लाभ नहीं मिल रहा है। वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले मरीजों को ऑक्सीजन के सहारे ही इलाज किया जा रहा है। इस हालत में मरीजों की मौत हो रही है। गुरुवार को भी आईसीयू में भर्ती मरीज रामविलास यादव की मौत हो गई। उसे पहले इमरजेंसी मे भर्ती किया गया था। तीन दिन में जब वे ठीक नहीं हुए तो इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती करा दिया गया। लेकिन, आईसीयू में भी केवल ऑक्सीजन की ही सुविधा मिल सकी। जबकि उसे गहन चिकित्सा की जरूरत थी। वेंटिलेटर के सहारे इलाज की भी आवश्यकता थी। उसका ऑक्सीजन लेबल 50 पर आ गया था। ऑक्सीजन देने के बाद भी उसका लेबल 80 से ज्यादा नहीं हो रहा था। अंत में गुरुवार की दोपहर में वह जंग हार गया।

बुधवार को भी आईसीयू में दो लोगों की गयी थी जान
इसी तरह बुधवार को भी दो मरीजों की मौत आईसीयू में हो गई थी। इस तरह लोगों का कहना है कि बिना वेंटिलेटर के आईसीयू में इलाज से कोई खास लाभ नहीं मिलने वाला है। ऑक्सीजन तो इमरजेंसी व महाराजगंज स्थित डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में भी है। इधर, अस्पताल प्रशासन आईसीयू जल्द चालू करने का दावा कर रहा है। लेकिन, सच्चाई है कि इसे चालू करने में अभी लेट है। कारण कि आईसीयू भवन को चालू करने के लिए एनेस्थेसिया स्पेशलिस्ट डॉक्टर की आवश्यकता है। सदर अस्पताल को एनेस्थेसिया स्पेशलिस्ट नहीं मिल रहे हैं।

ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं डॉक्टर
महाराजगंज के एनेस्थेसिया स्पेशलिस्ट अभी भी काम करने के लिए राजी नहीं हैं। इसलिए वह अपनी ड्यूटी पर नहीं आए। एेसे डॉक्टर पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी नहीं हो रही है। सदर अस्पताल की ही महिला चिकित्सक डॉ. शिल्पी सवर्ण छुट्‌टी पर चली गई है। इस तरह कोरोना वायरस से गंभीर मरीजों का इलाज अभी बेहतर ढंग से सीवान में करना संभव नहीं हो रहा है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एमके आलम ने कहा कि जल्द ही वेंटीलेटर को भी चालू कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।

डायट केंद्र को भी चालू करने में कठिनाई: शहर के डायट स्थित डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर को भी अभी चालू नहीं किया जा सका। जबकि इस केन्द्र में बेड व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है। लेेकिन अभी भी इस केन्द्र को चालू करने में तकनीकी उपकरण समस्या आ रही है। इस वजह से इसे चालू नहीं किया जा रहा है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस केन्द्र को अगले सप्ताह चालू किया जा सकेगा। अगर अगले सप्ताह इसे चालू किया जाएगा। इधर इसके चालू करने के बाद से ही कोरोना वायरस के मरीजों के भर्ती होना आसान हो जाएगा।

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