पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

छठव्रत:खतरनाक घाटों की होगी बैरिकेडिंग, सुरक्षा की भी होगी व्यवस्था

सीवान2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • घाटों की सफाई में जुटे नगर परिषद के कर्मचारी और आमलोग, पर्व को लेकर बाजार में भी दिखने लगी चहल-पहल

बुधवार को नहाय-खाय के साथ लोक अस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ शुरू होगा। भैयादूज पर्व के समापन के साथ ही लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी परवान पर है। नगर परिषद ने शहर के छठ घाटों की सफाई में जुट गया है। सोमवार को शरह के पंचमंदिरा स्थित पोखरा छठ घाट की सफाई में नगर परिषद के मजदूर लगे रहे। अनुमान है कि नगर परिषद एक से दो दिनों में खतरनाक छठ घाटों के पास बैरिकेडिंग कराने का काम भी शुरू करा देगा। इधर शहर के बाजार छठपर्व को लेकर सज गए हैं। लोग शहर के श्रद्धानंद बाजार, सब्जी मंडी, थाना रोड़, शहीद सराय मार्केट सहित अन्य बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं। बाजार में नारियल, सूप, दउरा, ढाका सहित अन्य की ब्रिकी जोरों पर रही। इसके अलावा बाजार में साड़ियां खरीदने को लेकर दुकानों पर काफी भीड़ थी। सूती साड़ियों की मांग इस दौरान ज्यादा थी। पूजा के दौरान इसका उपयोग होता है। साड़ियों के साथ कई लोग शॉल भी खरीद रहे थे ताकि अर्घ्य देते समय सुबह ठंड न लगे। बाजार में छठ को लेकर पीतल और स्टील के बर्तनों की खरीदारी हुई।
सामाजिक समरसता का त्योहार है छठ
लोक आस्था का महापर्व छठ सामाजिक समरसता का त्योहार भी है।इसका भौगोलिक दायरा अब बिहार और उत्तरप्रदेश से विस्तृत होता हुआ देश के जम्मू कश्मीर से कन्या कुमारी तक बल्कि सात समंदर पार विदेशों तक जा पहुंचा है। इसकी मुख्य वजह इस पर्व में निहित उद्देश्य और भावना है. लोक आस्था का यह पर्व प्रकृति की पूजा और शुद्धता एवं पवित्रता के संगम के साथ सामाजिक सद्भाव और संयम इस महापर्व में निहित है।

पौराणिक है सूर्य उपासना की परंपरा
छठ यानि भगवान सूर्य की पूजा संभवत: महाभारत काल में प्रारंभ हुई थी।ऐसा कहा जाता है कि एक बार नारद मुनि की शिकायत पर भगवान कृष्ण अपने पुत्र शाम्ब पर क्रोधित हो गये और श्राप दे दिया। जिससे शाम्ब कुष्ठ रोग के शिकार हो गये। इस कुष्ठ रोग से निजात पाने के लिए शाम्ब ने छठ व्रत किया था।

पर्व देता है दूरगामी संदेश
महापर्व छठ केवल सामाजिक समरसता का ही संदेश नहीं देता है, बल्कि समाज के द्वारा समाज पर नियंत्रण का भी संदेश देता है। जीवन से जुड़े उद्देश्यों का भी संदेश देता है। इस पर्व से पता चलता है कि उदय के बाद अस्त और अस्त के बाद उदय जिंदगी का सार्वभौम्य सत्य है।

निहित है सूर्य के प्रति कृतज्ञता का भाव
ऋग्वेद में सूर्य उपासना की चर्चा है.गायत्री मंत्र भी सूर्य को समर्पित है।वस्तुत: छठ पर्व सूर्य की पूजा है। वैसे तो समूचे देश व विदेशों में सूर्य की पूजा और छठ का त्योहार अलग-अलग ढंग से मनायी जाती है, लेकिन बिहार और उत्तरप्रदेश के साथ कई और प्रदेशों में छठ की पूजा एक रूप में मनायी जाती है। इस पर्व में सूर्य के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है।कहते हैं कि छठी मइया स्कंद माता पार्वती का स्वरूप हैं। सूर्य की पूजा को छठी मइया कह कर सूर्य के वात्सल्य भाव को प्रकट किया जाता है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- जिस काम के लिए आप पिछले कुछ समय से प्रयासरत थे, उस कार्य के लिए कोई उचित संपर्क मिल जाएगा। बातचीत के माध्यम से आप कई मसलों का हल व समाधान खोज लेंगे। किसी जरूरतमंद मित्र की सहायता करने से आपको...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser