परेशानी:गर्म हवा से झुलस रहा शरीर, तापमान 40 डिग्री के पार

हसनपुरा6 महीने पहले
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  • सुबह से ही तीखी हो जाती है धूप, गर्मी के कारण दोपहर से शाम तक घरों से निकलना हो गया है मुश्किल

कोरोना की दूसरी लहर के कारण संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के साथ-साथ मरने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। एक तरह वैश्विक महामारी कोरोना से लेग परेशान है तो दूसरी तरह मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दिन में तेज धूप और उमस भरी हवा के चलने से लोग गर्मी से परेशान हैं। वही पारा 40 डिग्री के पास पहुंच गया है। चिलचिलाती धूप व तवे सी तप रही धरती के बीच लू के थपेड़ों से राहगीरों की जिंदगी दो-दो हाथ कर रही है। धूप इतनी तेज है कि बाहर निकले तो मानो कोई आग के गोले में ढकेल दिया है, और घर में बैठे तो पंखा टाप स्पीड में चले फिर भी बदन पसीना से तर रह रहे है। गर्मी अपने शबाब पर है। सुबह आठ बजते ही चिलचिलाती धूप का असर सड़कों पर देखा जा रहा है। चिलचिलाती धूप और आग की लपटों की तरह गर्म हवाओं के कारण राहगीरों का सड़कों पर चलना दुश्वार है। बच्चे, बड़े व बुजुर्ग सभी परेशान हैं। हालांकि वैश्विक महामारी कोरोना से बचने के लिए भी चेहरे पर मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। वे देखने को मिल रहा है। जहां कुछके युवक व युवती धूप हो या फिर कोरोना से बचने के लिए मुंह को कपड़े से बांध कर चल रहे हैं, तो कुछ लोग इससे बचाव के लिए छाता का सहारा ले रहे हैं। गर्मी में जिन्हें बहुत जरूरत है, वही सड़कों पर निकल रहा है। वरना वे घर से निकलने से परहेज कर रहे है। लेकिन गर्मी के कारण उन्हें घर में बैठने पर भी चैन नहीं है। प्रचंड धूप और उमस गर्मी से आमजन के अलावा पशु पक्षी सभी बेहाल हैं। गर्मी के कारण सड़कों पर दोपहर होते ही सन्नाटा पसर जा रहा है। जो बहुत मजबूरी में है, वह भी हाथों में ग्लब्स पहनकर व चेहरे को ढंक कर ही बाहर निकलता नजर आ रहा है। ऐसे हालात में गर्मी व कोरोना के कारण सभी का जीना दुश्वार हो गया है। ‘लू’ के कारण शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है, जिससे मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए इससे बचाव बहुत जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इससे बचाव किया जा सकता है। यदि संभव हो तो दोपहर 11 बजे से अपराह्न चार बजे के मध्य में धूप में निकलने से बचें। साथ ही गर्भवती महिलाओं, छोटे शिशुओं व बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।

लू से बचाव के उपाय
अधिक से अधिक पानी पीएं।
पसीना सोखने वाले पतले व हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
धूप में जाने से बचें। यदि धूप में जाना जरूरी है, तो चश्में, छाते, टोपी आदि का प्रयोग करें।
खुले में कार्य करते हैं तो सिर, चेहरा, हाथ-पैर को गिले कपड़े से ढके रहे।
यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी रखें।
ओआरएस घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नीबू-पानी, छाछ आदि का उपयोग करें।

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