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परेशानी:जलजमाव से मेडिकल कॉलेज का निर्माण रुका, दो माह तक नहीं हो पाएगा काम

सीवान12 दिन पहले
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निर्माण स्थल पर इस तरह जमा है पानी। - Dainik Bhaskar
निर्माण स्थल पर इस तरह जमा है पानी।
  • निर्माण स्थल पर जमा है बारिश का पानी, नदी के बढ़ते जलस्तर से भी काम करना मुश्किल

मैरवा में 493 करोड़ 90 लाख की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जलजमाव से ठप हो गया है। बारिश के बाद से मैरवा से गुजर रही नदी के ओवरफ्लो होने से यहां पर पानी पहुंच रहा है। मेडिकल कॉलेज निर्माण होने वाला पूरा क्षेत्र पानी के कारण जलमग्न है। इससे महीनों से कार्य बंद पड़ा हुआ है। अगर जलजमाव इसी तरह होता रहा तो समय अवधि में कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। यहां पर पानी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र से भी पहुंच रहा है और मैरवा में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने कारण जलजमाव की समस्या से सामना करना पड़ रहा है। जलजमाव का पानी सूखने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। इससे लग रहा है कि अभी भी 2 माह बाद ही निमार्ण कार्य शुरू हो सकेगा। शासन ने निर्माता कंपनी को 36 माह के अंदर ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा.8 करने को दिया है। बताते चलें कि अभी तक केवल निर्माण शुरू करने के लिए एजेंसी ने चाहर दिवारी का ही काम पूरा करा सका है। मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सामग्री गिरा दिया गया है और निर्माण कार्य शुरू होने वाला ही था कि पूरा क्षेत्र में जलजमाव हो गया। इस निर्माण कार्य के विधि व्यवस्था के वरीय प्रभार में सदर अनुमंडल पदाधिकारी और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को रखा गया है। नोडल पदाधिकारी विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को बनाया गया है। मैरवा अंचल अधिकारी और थाना अध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे।

22 सितंबर को सीएम ने किया था शिलान्यास
मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर 22 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना से ऑनलाइन शिलान्यास किया था। जिस दौरान मैरवा में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, तत्कालीन सांसद ओम प्रकाश यादव सहित उस समय के सभी विधायक और एनडीए के नेता मौजूद थे। मेडिकल कॉलेज निर्माण की जिम्मेवारी बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड पटना ने में.कुणाल स्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट कंपनी को दिया है। भवन निर्माण के बाद मेडिकल कॉलेज चालू होने के बाद जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए दूसरे जिले या राज्य में जाने की जरूरत समाप्त हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज में सभी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का हरसंभव प्रयास शासन द्वारा किया जाएगा।इस अस्पताल में ओपीडी, आधुनिक आकस्मिकी आइसीयू, लेबर रूम, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, ब्लड बैंक, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इस अस्पताल में आधुनिक लॉंड्री, रसोईघर, दवा भंडारण एवं वितरण कक्ष, सीएसएसडी टीएसएसयू और मेडिकल गैस पाइपलाइन की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ भूमि का किया गया है अधिग्रहण
मैरवा के भोपतपुरा में कृषि फार्म हाउस के 25 एकड़ भूमि को मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया है। जिस पर मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा। बताते चलें कि भवन भूकंप रोधी बनेगा। इसके लिए भवन में बेस आइसोलेशन पद्धति का इस्तेमाल होगा और रियर रबर बियरिग लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न परियोजनाओं में यह वृहद परियोजना मानी जा रही है। इस परियोजना में मुख्यत: तीन प्रकार के भवन निर्माण होना है। इसमें शैक्षिक भवन, अस्पताल और आवासीय भवन शामिल हैं। चिकित्सा महाविद्यालय में प्रतिवर्ष 100 नामांकन एमसीआइ की मानक के अनुसार होगा। शैक्षिक भवन के अंतर्गत प्रशासनिक भवन विभिन्न विभागीय भवन एवं लेक्चरर थिएटर केंद्रीय पुस्तकालय परीक्षा भवन प्रयोगशाला का निर्माण शामिल है।

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