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सख्ती:दवा दुकानों पर छापा, कहीं नहीं था लेखा-जोखा

सीवानएक महीने पहले
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  • मरीजों तक आसानी से दवा पहुंचाने को लेकर प्रशासन ने की कार्रवाई, शहर और महाराजगंज में छापेमारी

जिले में दवा दुकानों में दवा की हो रही कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। कई तरह की दवाएं नहीं मिलने और ज्यादा कीमत वसूलने को लेकर खबर दैनिक भास्कर में 6 मई को प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर दवा दुकानों में छापेमारी शुुरू कर दी गई है। गुरुवार की शाम में एसडीओ व ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में शहर में विवेक फार्मा नामक दुकान में छापेमारी की गई। वहां कई तरह की अनियमितता पाई गईं। आगत व निर्गत पंजी से मिलान नहीं हो सका। यानि कि विवेक फार्मा द्वारा जितनी दवाएं बाहर से मंगाई गई थीं, उसका लेखा-जोखा नहीं मिला। यह दवाएं किस दुकानदार को कितनी संख्या में दी गई हैं, इसका भी मिलान नहीं हो सका। स्टॉक में भी अंतर पाया गया। इस तरह दवाओं की कालाबाजारी होने की आशंका जताई गई।

इन दवाओं की ली जा रही है अनाप-शनाप कीमत
कोरोना वायरस का लक्षण होने पर डॉक्टरों की सलाह पर या खांसी- सर्दी होने पर एजिथ्रोमाइसीन 500 एमजी रोज पांच दिन तक एक टैबलेट रोज खा रहे हैं। लेकिन, इस दवा का भी दाम विभिन्न कम्पनियों ने बढ़ा दिया है और यह अब पांच टैबलेट 118 रुपए में मिल रहा था। जबकि इसका दाम अधिकतम 95 रुपए ही था। इसी तरह डॉक्सीन वन नामक टैबलेट का दाम 28 रुपए है। विभिन्न कम्पनियों ने डॉक्सीसाइक्लीन नाम इस दवा को 88 रुपए में भी बाजार में उतार दिया है। इसी तरह जिंक की दवा का दाम बढ़ा दिया गया है।

महाराजगंज में भी मिली है गड़बडी
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान अनियमितता पाई गई है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। वरीय अधिकारियों को दी जाएगी। इसी तरह अन्य दुकानों की भी जांच की जाएगी। बुधवार को भी महाराजगंज में भी चार दुकानों की जांच हुई थी। वहां भी गड़बड़ी पाई गई है। बताते चलें कि विटामिन सी के 10 टैबलेट 22 रुपए में लिम्सी नाम से मिलते हैं। लेकिन यह दवा बाजार में नहीं है। किसी दुकान पर है भी तो दुकानदारों द्वारा इसे अधिक दाम पर बेचा जा रहा है। दुकानदारों द्वारा यह कहा जा रहा है कि इस दवा को किसी तरह मंगाया गया है। इसलिए इसका प्रिंट रेट से भी ज्यादा दाम लग रहा है। जब लिम्सी की डिमांड बढ़ गई और यह बाजार में कालाबाजारी होेने लगी तो दवा कम्पनियों ने विटामिन सी को ही अलग- अलग नाम से बाजार में उतार दिया

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