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अनदेखी:चकिया व हकाम की सड़कों पर गड्‌ढे और जलजमाव के कारण गांव आने में भी हिचकिचाते हैं रिश्तेदार

सीवान14 दिन पहले
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हकाम गांव जानें वाली मुख्य सड़क पर नाली का जमा पानी। इसी रास्ते से आते-जाते हैं लोग। - Dainik Bhaskar
हकाम गांव जानें वाली मुख्य सड़क पर नाली का जमा पानी। इसी रास्ते से आते-जाते हैं लोग।
  • अच्छी सड़क और नाली निर्माण के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं ग्रामीण, फिर भी अधिकारी नहीं दे रहे हैं ध्यान
  • वार्ड छह, 17 और 30 की हालत ज्यादा खराब, जनप्रतिनिधि भी समस्या समाधान को नहीं हैं गंभीर

शहर से सटे चकिया गांव, हाकाम गांव, वार्ड संख्या 6, 17, 30 में सड़क व नाली नहीं होने से लोग परेशान है। सड़क व नाले जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझने को विवश हैं। वार्ड नंबर 17, चकिया गांव व हाकाम गांव को बने एक दशक हो चुके है लेकिन वार्ड के अधिकतर गालियां सुविधाओं से वंचित है। इस मोहल्ले का विकास नहीं के बराबर हुआ है। पहले इस मोहल्ले में घनी आबादी नहीं थी। बावजूद इसके वार्ड के विकास पर ध्यान नहीं दी गई। पूर्व सांसद के घर से एक मीटर आगे तक सड़क को बना कर छोड़ दिया गया है। मोहल्ले से होकर गुजरने वाली सड़क व नाले की स्थिति इस कदर खराब है कि इस पथ से होकर जाने वाले लोग कभी कभार यह समझ ही नहीं पाते कि वे शहरी इलाके में हैं या ग्रामीण इलाके में। पूरे वार्ड में हर ओर समस्याएं ही दिखती हैं। कहने को तो वार्ड नंबर 17 के उत्तरी दिशा भी शहरी इलाके का अंग है, लेकिन यहां की सुविधाओं को देखकर ऐसा लगता है कि यहां के लोग ग्रामीण इलाके में बसे है। ना ही ढंग की सड़क और ना ही जल निकासी की सुविधा। तीन साल पूर्व नल जल योजना के तहत सभी गलियो में पाइप बिछाई गई। लेकिन पानी नहीं आई। घर मे सभी लोगो ने चापाकल व नल लगा लिया है। जिससे हमेसा पानी का लेयर खत्म होने की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगो ने बताया कि हर घन्टे एक दूसरे से पूछना पड़ता है कि अभी कौन पानी का उपयोग कर रहा है। उसके बाद ही दूसरे घरो में पानी का कार्य किया जाता है।

गलियों में भी संपर्क सड़क नहीं
मोहल्ले में कुछ लोगों को छोड़कर शौचालय बनाने के लिए भी पैसा नहीं मिला है। पूरे वार्ड में ऐसे दर्जनों मुहल्ले व गलियां हैं, जहां जाने के लिए संपर्क मार्ग तक नहीं है। जहां सड़कों को बनाया भी गया है वहां नाले के अभाव में गंदा पानी सड़क पर ही बहता है। ऐसे में इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। पूरे वार्ड की व्यवस्था को देखें तो मूल रूप से वार्ड 17 में विकास कुछ सीमित इलाके में ही सिमट गई है। सड़कों की कमी यहां के लोगों की मुख्य समस्या है। चारों तरफ से पक्की सड़क होने के बावजूद अंदरूनी हिस्सों में सड़क नहीं के बराबर है। इस मोहल्ले की आबादी काफी घनी है। लेकिन आबादी के हिसाब से विकास कार्य नहीं हुआ है। यहीं कारण है कि यहां समस्याएं हर ओर आसानी से दिख जाती है। लोग जन समस्याओं को लेकर मुखर भी दिखते है। थोड़ी सी बरसात होते ही इस वार्ड में स्थित कई संकरी सड़कें पानी में डूब जाती हैं।

घर के बाहर जमा हो जाता है दूषित पानी
वार्ड के कई गलियो में नाली नहीं है। जिसके सड़को पर घरो के दूषित पानी को बहाया जाता है। कुछ घरो में पानी को इकठा कर कुछ दूर गली के बाहर बाल्टी से फेंकी जाती है। कुछ लोग घर के बाहर खाली जमीन में कूड़ा कचड़ा सहित दूषित पानी डालते है।

पांच साल पहले बनी थी पक्की सड़क
चकिया गांव से निकलने वाली सड़क बड़हरिया स्टैंड, बीएल दास मोड़, हाकाम मोड़, मालवीय चौक समेत अन्य मुहल्लो से जुड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि पांच साल पूर्व पक्की सड़क को बनाई गई थी। लेकिन सही से काम नहीं होने की वजह से सड़क टूट कर खराब हो गई।

गांव में चार साल पहले बिछाया गया था पाइप
तीन साल पूर्व नल जल योजना के तहत वार्डों में पाइप बिछाया गया था। नल कही नहीं लगी। पाइप बिछाकर छोड़ दिया गया। जिसके वजह वार्डो के लोगो ने चापाकल व नल लगा लिया। वर्तमान में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। पानी का लेयर भी भाग जा रहा है। इसको लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं।

विकास के मामले में पिछड़ा है वार्ड नंबर 17
शहर के वार्ड 17 विकास के मामले में हरेक क्षेत्र में काफी पिछड़ गया है। हाल के दिनों में पूरे वार्ड में कुछ विकास के कार्य कराई गई है। लेकिन इसे और तेज करने की जरूरत है। ताकि हरेक परिवार तक विकास की रोशनी पहुंच सके और लोगों को शहर में होने की सुविधा प्राप्त हो सके।
अखिलेश श्रीवास्तव, स्थानीय निवासी।

घराें तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क तक नहीं
कई घरों में आने-जाने के लिए सड़क तक का अभाव है। मोहल्ले के कई घरों तक रिक्शा तक पहुंचना मुश्किल है। सरकारी सुविधाओं का लाभ पाना अभी भी मुश्किल बना हुआ है। सड़कों पर उड़ने वाले धूल व कचरा चारों तरफ बिखरा पड़ा है। मुख्य सड़क की स्थिति भी ठीक नहीं है।
शकुंतला देवी, स्थानीय निवासी।

मोहल्ले में गंदगी का अंबार, सफाई नहीं होती
विकास में इस वार्ड की काफी उपेक्षा की गई। अब विकास के कार्य में कुछ तेजी आई है। इसमें और तेजी लानी चाहिए। ताकि पूरे वार्ड के लोगों को शहरी इलाके के लायक सुविधाएं मिल सके। मोहल्ले में गंदगी का अंबार लगा रहता है। झाडू लगाने वाले आज तक इस मोहल्ले में नहीं दिखे।
किशोर सिंह, स्थानीय निवासी।

थोडी बारिश में ही सड़क पर जमा हो जाता है पानी
हल्की बारिश के बाद कई दिन तक सड़क पर पानी लगा रहता है। जिससे लोगों को अपने घरों तक आने जाने में काफी परेशानी होती है। शहरी क्षेत्र में होने के बाद भी अभी तक इस वार्ड में सुविधाएं गांव की तरह ही लोगों को मिल सकी है। यहां विकास कार्य की हमेशा से ही उपेक्षा की जाती रही है।
प्रमोद कुमार, स्थानीय निवासी।

वार्ड 17 में नहीं लगायी गयी है एक भी सरकारी लाइट
शहरी इलाका होने के बावजूद वार्ड 17 व 6 की उत्तरी दिशा में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। कहीं भी सरकारी लाइट नहीं लगाई गई है। रात होते ही चोरों का डर भी बना रहता है। रात को घर से निकलने में भी समस्या होती है। खासकर महिलाओं को बुजुर्गों को तो ज्यादा दिक्कत है। मोहल्ले की समस्या दूर करने के लिए न तो अधिकारी आगे आते हैं और न ही जनप्रतिनिधि। सबकुछ जैसा का तैसा चल रहा है।


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