अनदेखी:अाम आदमी की बात तो दूर, पूर्व सांसद के घर के पास भी घुटना भर जमा है पानी, नालियां हो गयीं बंद

सीवान20 दिन पहले
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पूर्व सांसद के आवास से होकर जानेवाली मुख्य सड़क पर जमा बारिश का पानी। - Dainik Bhaskar
पूर्व सांसद के आवास से होकर जानेवाली मुख्य सड़क पर जमा बारिश का पानी।
  • शहर के वार्ड, छह, 17 और 30 की हालत बहुत खराब, न तो जलनिकासी की व्यवस्था है और न ही चलने लायक सड़क

शहर में सड़क व नाली नहीं होने से लोग परेशान है। सड़क व नाले जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझने को विवश हैं। वार्ड नंबर 6, 17, 30 चकिया व हाकाम गांव को बने एक दशक हो चुके हैं लेकिन वार्डों की अधिकतर गालियां सुविधाओं से वंचित हंै। इस मोहल्ले का विकास नहीं के बराबर हुआ है। पहले इस मोहल्ले में घनी आबादी नहीं थी। बावजूद इसके वार्ड के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। पूर्व सांसद के घर से एक मीटर आगे तक सड़क को बना कर छोड़ दिया गया है। हालात ऐसे हैं की पूर्व सांसद के आवास भी जलजमाव के बीच हैं।

चारों तरफ नालियां बंद हो चुकी हैं। घुटने भर पानी जमा है। मोहल्ले से होकर गुजरने वाली सड़क व नाले की स्थिति इस कदर खराब है कि इस सड़क से होकर जाने वाले लोग कभी कभार यह समझ ही नहीं पाते कि वे शहरी इलाके में हैं या ग्रामीण इलाके में। पूरे वार्ड में हर ओर समस्याएं ही दिखती हैं। कहने को तो वार्ड नंबर 17 के उत्तरी दिशा भी शहरी इलाके का अंग है, लेकिन यहां की सुविधाओं को देखकर ऐसा लगता है कि यहां के लोग ग्रामीण इलाके में बसे है। ना ही ढंग की सड़क है और ना ही जल निकासी की समुचित सुविधा हैं। तीन साल पूर्व नल जल योजना के तहत सभी गलियो में पाइप बिछाई गई। लेकिन पानी नहीं आई।

घरों में लगाया चापाकल, फिर भी पानी की किल्लत झेल रहे लोग

घर मे सभी लोगों ने चापाकल व नल लगा लिया है। जिससे हमेशा पानी का लेयर खत्म होने की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर घन्टे एक दूसरे से पूछना पड़ता है कि अभी कौन पानी का उपयोग कर रहा है। उसके बाद ही दूसरे घरो में पानी का कार्य किया जाता है। मोहल्ले में कुछ लोगों को छोड़कर शौचालय बनाने के लिए भी पैसा नहीं मिला है। पूरे वार्ड में ऐसे दर्जनों मुहल्ले व गालियां है। जहां जाने के लिए संपर्क मार्ग तक नहीं है। जहां सड़कों को बनाया भी गया है वहां नाले के अभाव में गंदा पानी सड़क पर ही बहता है।

ऐसे में इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। पूरे वार्ड की व्यवस्था को देखें तो मूल रूप से वार्ड 17 में विकास कुछ सीमित इलाके में ही सिमट गई है। सड़कों की कमी यहां के लोगों की मुख्य समस्या है। चारों तरफ से पक्की सड़क होने के बावजूद अंदरूनी हिस्सों में सड़क नहीं के बराबर है। इस मोहल्ले की आबादी काफी घनी है। लेकिन आबादी के हिसाब से विकास कार्य नहीं हुआ है। यहीं कारण है कि यहां समस्याएं हर ओर आसानी से दिख जाती है। लोग जन समस्याओं को लेकर मुखर भी दिखते है। थोड़ी सी बरसात होते ही इस वार्ड में स्थित कई संकरी सड़कें पानी में डूब जाती हैं। वार्ड के लोगों का कहना है कि मोहल्ले में विकास का कार्य तो हुआ है, लेकिन हरेक कार्य सुस्त गति से हो रही है। ऐसे में लोग शहर में रहकर भी गांव जैसी सुविधाओं में ही जीने को विवश हैं।

नाली है ही नहीं, सड़क पर बहता है घर का पानी
वार्ड की कई गलियों में नाली नहीं है। इस वजह से सड़कों पर ही घरों का पानी बहाया जाता है। कुछ घरो में पानी को इकठा कर कुछ दूर गली के बाहर बाल्टी से फेंकी जाती है। कुछ लोग घर के बाहर खाली जमीन में कूड़ा कचड़ा सहित दूषित पानी डालते है। जिसके वजह वातावरण भी दूषित हो गई है। हमेसा दुर्गंध आती रहती है। कोरोना महामारी है। उसके बाद भी किसी तरह का कोई छिड़काव नहीं की जाती है। चकिया गांव से निकलने वाली सड़क बड़हरिया स्टैंड, बीएल दास मोड़, हाकाम मोड़, मालवीय चौक समेत अन्य मुहल्लो से जुड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि पांच साल पूर्व पक्की सड़क को बनाई गई थी। लेकिन सही से काम नहीं होने की वजह से सड़क टूट फुट कर खराब हो गई।

वार्ड 17 का विकास नहीं
^वार्ड संख्या 17 विकास के मामले में हरेक क्षेत्र में काफी पिछड़ गया है। हाल के दिनों में पूरे वार्ड में कुछ विकास का काम हुआ है। इसे और तेज करने की जरूरत है। आसपास के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी सड़कों पर बहता है। इससे परेशानी होती है।
अखिलेश श्रीवास्तव, नागिरक

सड़क की भी हालत खराब
^वार्ड में लोगों के घरों तक पहुंचने वाली सड़कों की दशा ठीक नहीं है। सड़क नहीं होने से जलजमाव की समस्या बनी रहती है। हल्की बारिश के बाद कई दिन तक सड़क पर पानी लगा रहता है। जिससे लोगों को अपने घरों तक आने जाने में काफी परेशानी होती है।
प्रमोद कुमार, स्थानीय निवासी।

नहीं बनायी गयी नाली
^जलनिकासी की समस्या विकट है। नाली नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही बहता है। कई घरों में आने-जाने के लिए सड़क तक का अभाव है। मोहल्ले के कई घरों तक रिक्शा तक पहुंचना मुश्किल है। धूल व कचरा चारों तरफ बिखरा पड़ा है।
शकुंतला देवी, स्थानीय निवासी।

कभी झाड़ू तक नहीं लगा
^विकास में इस वार्ड की काफी उपेक्षा की गई। अब विकास के कार्य में कुछ तेजी आई है। इसमें और तेजी लानी चाहिए। मोहल्ले में गंदगी का अंबार लगा रहता है। झाडू लगाने वाले आज तक इस मोहल्ले में नहीं दिखा। जनप्रतिनिधि भी गंभीर नहीं हैं।
किशोर सिंह, स्थानीय निवासी।

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