सीवान में पोखरे में जहर डालने से मछलियों की मौत:8 लाख रुपयों के अधिक की मछलियां मरीं, असामाजिक तत्वों ने दिया घटना को अंजाम

सीवान7 महीने पहले

सीवान के दरौंदा थाना क्षेत्र के कटवार चवर के एक एक निजी पोखरे में रविवार की सूबह 8 लाख रुपये की मछलियां मरी हुई पाई गईं। पानी की सतह पर उपला रही मछलियों को देख मत्स्यपालक के होश उड़ गए। इसकी सूचना उन्होंने स्थानीय थाना को दी। माना जा रहा है कि किसी ने पोखरे में जहर डाल दिया है जिससे मछलियां मर गई है। घटना के बाद मत्स्यपालन महाराजगंज थाना क्षेत्र के पुरानी मठिया गांव निवासी रामायण साह के पुत्र अर्जुन साह ने तकरीबन 8 लाख की मछलियां की मरने की बात कही है।

इधर पोखरे में एक साथ इतनी सारी मछलियों के मरने के बाद इलाके में हड़कंप मच गई। पीड़ित अर्जुन साह का कहना है कि उन्होंने कटवार चवर के एक पोखरे की खुदाई के बाद मछली पालन शुरू किया था। उन्हें कई वर्षों तक मछली पालन से अच्छी खासी आमदनी होती रही। हर साल की तरह इस साल भी उन्होंने पोखरे में मछली के जीरे डाले। मछलियां बड़ी हो गई थीं। अब उसे बाहर निकालने को सोच रहे थे।

पोखरे में करीब 10 क्विंटल से अधिक मछलियां मौजूद थीं

पोखरे में करीब 10 क्विटल मछली मौजूद थीं। इसी दौरान सुबह किसी ने उन्हें सूचना दी कि पोखरे के पानी की सतह पर मछलियां उपला रही हैं। जब जाकर पोखरे में देखा तो मरी हुई मछलियां पानी की सतह पर दिख रही थीं। इसकी जानकारी होते ही धीरे-धीरे गांव के काफी लोग वहां एकत्रित हो गए। मछलियों को छानकर बाहर निकाला गया। मत्स्य पालक के अनुसार पोखरे में एक भी मछलियां जीवित नहीं बची है। ग्रामीणों का मानना है कि किसी ने पोखरे में मछलियों को मारने की नीयत से जहर डाल दिया है। हालांकि मछलियों और पोखरे का पानी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगा। मछली के मर जाने से मत्स्य पालन को तकरीबन 8 लाख की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। मत्स्यपालन कर रहे अर्जुन साह ने बताया कि शहर के नामी गिरामी लोगों से कर्ज लेकर पोखरे में मत्स्य का पालन किया था। जो सब खत्म हो गया।