अभियान:जीरादेई में जीर्णोद्धार के नाम पर सिर्फ कुओं का किया जा रहा है रंग-रोगन

जीरादेई6 महीने पहले
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जल, जीवन, हरियाली अभियान के तहत कुओं का जीर्णोद्धार करने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा संवेदकों के द्वारा कुआं का बिना उड़ाही के ही रंग रोगन कर बाहर से चकाचक कर दिया जा रहा है। अंदर का कचरा व पानी वैसा ही गंदा छोड़ दिया गया है। कहीं भी न तो कुआें का उत्खनन किया गया है और न ही उसे साफ सुथरा कर के पानी निकाला गया है। जिसके चलते ग्रामीणों को पानी के लिए गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड क्षेत्र के अकोल्ही पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 3 सहित अकोल्ही, बिशनपुरा बाजार आदि कई ग्राम पंचायतों कुआं का जीर्णोद्धार किया गया है। काम के नाम पर खानापूर्ति की गई है।बताते चलें कि पिछले कुछ महीनों के अंतराल में जल जीवन हरियाली को लेकर अपने अस्तित्व को खो रहे कुओं का सर्वे कराया गया था। इसका जीर्णोद्धार अब कराया जा रहा है। लेकिन जीर्णोद्धार के नाम पर संवेदक के द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की जा रहा है। जहां पानी के नाम पर कुआं में पानी के अलावा बड़ी मात्रा में कूड़ा कचरा भरा है। कई जगहों पर जाली लगाया गया है तथा कई जगह पर बिना जाली के ही छोड़ दिया गया है ।ग्रामीणों ने कहा कि जब कुआं में साफ पानी ही नहीं होगा तो जीर्णोद्धार का मतलब क्या रह जाएगा। कुएं की दीवार पर जीर्णोद्धार का शिलापट्ट लगाए जाने की जगह भी बनाया जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों कुओ का अतिक्रमण कर सहन व मकान का निर्माण कर लिया गया है। कुआं के ऊपर धीरे-धीरे अतिक्रमण कर उसे अस्तित्व विहीन कर दिया गया है। अब जीर्णोद्धार का काम कराया गया जो सिर्फ बाहर से रंग पेंट कर अंदर का कचरा और गंदा पानी ऐसे ही छोड़ दिया गया है। वहीं विभाग व संवेदको की मानें तो प्रत्येक कुए के लिए पहले ₹35000 राशि आवंटित की जाती थी लेकिन अब यह राशि बढ़कर पचासी हजार के आसपास हो गई है। पहले विभाग द्वारा संवेदको के माध्यम से कराया जा रहा था अब यह कार्य पंचायत स्तर से मुखिया के जिम्मे में हो गई है।

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