योजना:नवाचार से बच्चों की शिक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

सीवान12 दिन पहले
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  • ऑनलाइन प्रदर्शनी में जिले के 21 शिक्षक हुए शामिल, शैक्षणिक गुणवत्ता पर दिया गया बल

जिले के 21 शिक्षकों ने शून्य निवेश पर आधारित अपने नवाचारों को देश भर के शिक्षकों के साथ साझा किया और ई प्रदर्शनी में शामिल हुए। श्री अरविंद सोसाइटी और एचडीएफसी बैंक के देश-व्यापी कार्यक्रम ‘शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार’ के अंतर्गत शिक्षकों को प्रेरित करने, चयनित शिक्षकों के नवाचारों को व्यापक रूप से विकसित करने और देश के अन्य विद्यालयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ई-प्रदर्शनी की श्रृंखला की शुरुआत की गई है। इसी कड़ी में सीवान, बिहार के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया। इस ऑनलाइन सम्मेलन में मुख्य अतिथि डीईओ मिथिलेश कुमार थे। सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारित हो रही ‘ई-प्रदर्शनी - एक प्रदर्शनी मंच - शिक्षकों के लिए, शिक्षकों के द्वारा’ में विशिष्ट अतिथियों के रूप में शामिल अवधेश कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा, सीवान, बिहार, उमेश उपाध्याय, कॉम्पोनेन्ट इंचार्ज (गुणवत्ता शिक्षा), सीवान, बिहार एवं अशोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रमुख, रूपांतर, श्री अरविन्द सोसाइटी। ई-प्रदर्शनी का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किया गया, जिससे देशभर के शिक्षकों तक इस प्रदर्शनी को पहुंचाया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि डीपीओ अवधेश कुमार ने कहा, “किसी भी विषय को यदि टीएलएम के माध्यम से साझा किया जाता है ।उसका असर बच्चों के मस्तिष्क पर लम्बे समय तक रहता है। इसलिए यदि विषयों को नवाचारों द्वारा पढ़ाया जाये तो निश्चित रूप से विद्यार्थियों का शिक्षण अधिगम बेहतर हो सकता है। बिलासपुर के शिक्षकों के लिए आयोजित की गई इ-प्रदर्शनी में विशिष्ट अतिथि श्री उमेश उपाध्याय, कॉम्पोनेन्ट इंचार्ज (गुणवत्ता शिक्षा), सीवान ने कहा कि “शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार कार्यक्रम के अन्तर्गत अरविन्द सोसाइटी के द्वारा आयोजित की गई। इस इ-प्रदर्शनी मंच से शिक्षकों का मनोबल निश्चित रूप से ऊचा होगा। इस प्रयास के लिए अरविन्द सोसाइटी को साधुवाद देता हू। आशा है कि इस इ-प्रदर्शनी में प्रदर्शित की जा रही कक्षा-कार्य सामग्री अन्य विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए टीएलएम का विशेष योगदान रहता है जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास और सुधारों की आवश्यकता होती है और शिक्षकगण अपने नवचारों द्वारा इस जरूरत को पूर्ण करने में अपना सहयोग देते हैं, यह संभव कर पाते हैं।“ इसके साथ ही उन्होंने अरविंद सोसाइटी को ई-प्रदर्शनी आयोजित करने हेतु बधाई दी और शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों की प्रशंसा भी की। वेबिनार में उपस्थित शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अशोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रमुख ने कहा, “शिक्षकों के योगदान के बिना देश उन्नति नहीं कर सकता। शिक्षक जब परिवर्तन स्वीकार करते हैं तब वे विद्यार्थियों और समाज को परिवर्तन स्वीकार करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। नवाचार वह परिवर्तन है जो पूर्व स्थित विधियों और पदार्थ आदि में नवीनता का संचार करता है।

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