पूजा-पाठ:जीरादेई में कई स्थानों पर सामूहिक रूप से भगवान चित्रगुप्त की पूजा

जीरादेई24 दिन पहले
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प्रखण्ड क्षेत्र के विजयीपुर, बिशुनपुरा, मुईयां, जीरादेई, रुइयाबंगर, संजलपुर, हरपुर, छोटका मांझा, तितरा, सजना, लाला के भटकन ,मनिया आदि विभिन्न गावों में शनिवार को भगवान चित्रगुप्त की पूजा धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस दैरान कायस्थ बंधुओं की तरफ से भगवान चित्रगुप्त की पूजा विधि विधान से की गई। विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रुप से भगवान चित्रगुप्त का पूजन अर्चन के साथ ही कलम और दवात की पूजा की। क्षेत्र के चित्रगुप्त वंशीय कागज पर पूजन के साथ कागज पर हल्दी, रोली, दही आदि से भगवान चित्रगुप्त के चित्र को बना कर तथा कलम की पूजा करने के साथ उनकी आरती किया। मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी की काया से भगवान चित्रगुप्त की उत्पति हुई थी। कायस्थ समाज के लोगों ने श्रद्धा व विश्वास के साथ इस पूजा को किया। पूजा को लेकर सुबह से कायस्थ समाज के लोगों में जोरदार तैयारी की जा रही थी। साफ सफाई के साथ ही पूजन सामग्री जुटाया गया था। इस दिन समाज के लोगों द्वारा कलम दवात की पूजा पूरे भक्ति भाव से की गई। परंपरा के अनुरूप कायस्थ समाज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान चित्रगुप्त का पूजन कर दान किया गया। फिर प्रसाद वितरण किया गया। मान्यता है कि चित्रगुप्त भगवान का अवतार कलम दवात के साथ हुआ था। धर्मराज के दरवार में भगवान चित्रगुप्त धर्म अधर्म का लेखा जोखा रखते थे। इनके कार्य कुशलता को देख कर ब्रह्मा जी द्वारा वरदान दिया गया था कि इनके वंशज भी सभी गुणों से निपुण होंगे।

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