आस्था:नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा

हसनपुरा9 दिन पहले
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गौशाला रोड स्तिथ एक घर में कलश स्थापन करते श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
गौशाला रोड स्तिथ एक घर में कलश स्थापन करते श्रद्धालु।

शारदीय नवरात्र पर्व की शुरूआत हो गुरुवार से शुरू हो गई है। नवरात्र के प्रथम दिन गुरुवार को ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर के देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। इस दौरान अरंडा, हसनपुरा, उसरी स्थित प्राचीन काली मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। सुबह के समय से ही श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में चुनरी और नारियल भेंट करने के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्र पर्व पर मां भगवती की पूजा का विशेष महत्व है। इसलिए नवरात्र के नौ दिनों तक लगातार उपवास रखने से मां भगवती मनोकामनाएं पूरी करती हैं। बता दें कि नवरात्र पर्व को लेकर मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया गया है। इस दौरान आचार्य वरुण मिश्र, रविन्द्र मिश्र, अशोक मिश्र, राजू मिश्र ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर्व का विजयदशमी पर्व को लेकर काफी अधिक महत्व रहता है। नवरात्र के पहले दिन मां भगवती के पहले स्वरूप मां शैल पुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है। मां दुर्गा अपने पहले स्वरूप में मां शैल पुत्री के नाम से जानी जाती है। मां के इस स्वरुप की पूजा-अर्चना करने से मन को शांति को मिलती है। ऐतिहासिक कथा के अनुसार मां शैल पुत्री भी भगवान शिव की अर्धांगिनी है। मां शैल पुत्री स्वरूप की पूजा से भगवान शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। मां के इस स्वरूप की पूजा का काफी महत्व है।

बसंतपुर में कलशयात्रा में शामिल श्रद्धालु।
बसंतपुर में कलशयात्रा में शामिल श्रद्धालु।

मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना के लिए कलशयात्रा

बसंतपुर | बसंतपुर प्रखंड के अलग-अलग स्थानों पर नवरात्र के पहले दिन कलश यात्रा निकालकर मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई। नवयुवक बाल दुर्गा पूजा समिति पुरानी बाजार , तूफान दुर्गा पूजा समिति हनुमान मंदिर , मां दुर्गा पूजा समिति, झगरु मोड़ बनसोही तथा लाल बाबा शिवमंदिर पूजा समिति बसंतपुर की तरफ से स्टेट हाइवे 73 के किनारे में बने पंडाल में मूर्ति स्थापित करने के लिए आयोजित कलश यात्रा में 351 कन्याओं ने हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोचारण के साथ शुरू हुए इस कलश यात्रा में आमलोगों की सहभागिता भी काफी रही। इस कलश यात्रा में यजमान व उनकी पत्नी के अलावा 11 प्रधान कन्याएं भी शामिल हुईं। यह भव्य कलश यात्रा बसंतपुर बाजार से निकलकर करही खुर्द रोड से धमई नदी कोडर पहुंचा, जहां शिवालय के पास स्थित धमई नदी में जलाभिषेक किया गया। उसके बाद या कलश यात्रा बैंक मोड़, सब्जी मंडी, थाना रोड, मेन रोड होते सभी कलश यात्रा टोली अलग - अलग जगहों पर स्थित दुर्गा पंडाल में पहुंची। जल भराई के दौरान आचार्य पंडित विनोद कुमार मिश्र व राजन बाबा के वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रधान कन्याओं में सुप्रिया कुमारी, श्वेता कुमारी, किरण कुमारी, प्रिया कुमारी, काजल कुमारी, निक्की कुमारी, निशा कुमारी, अर्पिता कुमारी, अनिता कुमारी, सोनम कुमारी, नंदनी कुमारी शामिल रही।

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