लापरवाही पड़ेगी भारी:शुरू होने के दो दिन बाद ही ऑक्सीजन प्लांट बंद, बोले उपाधीक्षक - 80% ही है गुणवत्ता

मिथिलेश कुमार सिंह| सीवान13 दिन पहले
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सदर अस्पताल में बंद ऑक्सीजन प्लांट। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में बंद ऑक्सीजन प्लांट।
  • कोरोना की तीसरी लहर शुरू होते ही स्वास्थ्य सुविधा को झटका, अधिकारियों में बेचैनी
  • सदर अस्पताल का मामला : अब टेक्निशियन ही बताएंगे कि कितने दिनों में होगा चालू

जिले के लोगों को कोरोना से बचाने के लिए सदर अस्पताल में में शुरू किया गया ऑक्सीजन प्लांट तीसरी लहर के शुरू होने से पहले ही बंद पड़ गया है। सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. रीता सिन्हा ने इसे बंद करने का आदेश दिया है। उपाधीक्षक ने कहा कि वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांट से उत्पादन बंद है और इसकी शिकायत ऑनलाइन विभाग को कर दी गयी है। डॉ. सिन्हा के अनुसार सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट से उत्पादित हो रहे ऑक्सीजन की गुणवत्ता 80% से अधिक बढ़ ही नहीं रही थी, जबकि गुणवत्ता न्यूनतम 93% होना आवश्यक है।
93% पर किया गया था चालू
मालूम हो कि सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन 8 अक्टूबर 2021 को हुआ था। करीब डेढ़ महीने बाद 27 दिसंबर से ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन का कार्य शुरू हुआ। लेकिन 2 दिन बाद 30 दिसंबर को ही इसे फिर से बंद कर दिया गया। बताते हैं कि इस प्लांट को जब चालू किया गया, उस समय इसकी गुणवत्ता 93 फीसदी थी। इसके बाद मरीजों की सप्लाई शुरू की गई। लेकिन 2 दिन ही मरीजों के लिए इससे सप्लाई की जा सकी।

प्लांट ठीक करने के लिए जिले में नहीं है टेक्निशियन
प्लांट में लगायी गयी मशीन में किसी तरह की तकनीकी खराबी आ गई है। यहां पर इस प्लांट को ठीक करने के लिए टेक्नीशियन नहीं है। इसलिए प्लांट लगाने वाली एजेंसी को अस्पताल प्रशासन ने सूचना दे दी है। अब वहां टेक्नीशियन के आने का इंतजार किया जा रहा है। इस मशीन में आई तकनीकी खराबी को ठीक करेंगे। प्लांट में 10 दिनों से मशीन बंद है। फिर भी एजेंसी के द्वारा किसी भी टेक्नीशियन को अबतक नहीं भेजा गया है। जबकि कोरोना वायरस के तीसरी लहर शुरू हो गई है और अब धीरे-धीरे ऑक्सीजन की खपत ज्यादा होगी।

कंपनी के अधिकारी को दी गयी सूचना
सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट पीएम केयर्स फंड से एलएनटी कंपनी द्वारा लगाई गई है। ऑक्सीजन की गुणवत्ता में कमी आने के कारण अस्पताल प्रशासन ने एलएनटी कंपनी को इसकी सूचना दे दी है। वहां से इंजीनियरों के आने के बाद ही गुणवत्ता के सुधार के लिए मशीन की जांच की जाएगी और फिर उसे चालू किया जाएगा।

दूसरी लहर में हुई थी गैस की कमी
दूसरी लहर में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा था। कई लोगों की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हो गई थी। इसके बाद सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराया। ताकि तीसरी लहर आने पर ऑक्सीजन के लिए हाहाकार नहीं मच सके। ऑक्सीजन प्लांट बनाने वाली कम्पनी एलएमटी ने 960 लीटर प्रति मिनट बनने वाले गैस की क्षमता की मशीन से प्लांट में लगायी है।

तीसरी लहर आने के साथ ही आ गई समस्या
इधर,तीसरी लहर शुरू होने के साथ ही इस मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। हालांकि यह प्लांट पीएम केयर्स फंड से निर्माण किया गया है। इसका उद्घाटन दो माह पहले ही किया गया था। लेकिन उद्घाटन के बाद से ही प्लांट तकनीकी खराबी की वजह से बंद था। इधर पिछले माह इस प्लांट को चालू किया गया, लेकिन 2 दिनों के बाद या फिर से बंद कर दिया गया। इस वजह से अस्पताल प्रशासन को इस प्लांट की उपयोगिता नहीं मिल पा रही है।अभी भी सदर अस्पताल के इमरजेंसी, पुरुष, महिला वार्ड तथा आईसीयू, एसएनसीयू में ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे ही ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। हालांकि इन सभी बेड पर सीधे ऑक्सीजन की सप्लाई की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन उस पाइप सेंट्रल पाइप लाइन के मुख्य प्वाइंट में ऑक्सीजन सिलेंडर ही लगाना पड़ रहा है।

बिजली की समस्या से हो रही दिक्कत
सदर अस्पताल सीवान में ऑक्सीजन प्लांट को चालू कर दिया गया था। 93 फीसदी गुणवत्ता होने पर ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। इसमें 3 फीसदी ज्यादा कम भी हो सकता है। लेकिन, अस्पताल में बिजली की समस्या होने की वजह से गुणवत्ता में गिरावट आ गई थी। इसे ठीक करने के लिए अस्पताल प्रशासन को कहा गया था। अब बिजली की समस्या दूर हो गई है।
राजेश सिन्हा, प्रबंधक, एलएनटी कंपनी

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