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डरने की नहीं सतर्क रहने की जरूरत:कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से हो रही गिरावट

सीवान22 दिन पहले
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सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीज।

जिले में कोरोना वायरस से प्रभावित होने की रफ्तार काफी कमजोर पड़ गई है। कोरोना वायरस तथा इससे संबंधित लक्षण वाले मरीजों की हालत भी अब गंभीर नहीं हो रही है। गंभीर हालत वाले मरीजों की संख्या में भी तेजी से गिरावट आ रही है। शहर के डायट स्थित डेडिकेटेड कोविड-19 तथा सदर अस्पताल के इमरजेंसी व आईसीयू में बेड की समीक्षा करने के दौरान यह स्पष्ट हो रहा है कि अब गंभीर मरीजों की संख्या तेजी से कम हो गई है। यही वजह है कि अब कोरोना वायरस सफाई तथा संबंधित लक्षण वाले मरीजों को भर्ती करने के लिए किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। सभी जगह बेड खाली पड़े हैं। यहां तक की आईसीयू में वेंटीलेटर युक्त बेड भी खाली पड़ा है और किसी को अचानक जरूरत पड़ने पर उसे तत्काल वेंटिलेटर युक्त बेड की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। साथ ही लोग भी चैन की सांस ले रहे हैं। कारण कि कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में कमी आने से लोगों के अंदर से अब डर खत्म हो रहा है। फिर भी लोगों को सतर्क और जागरूक रहने की अभी जरूरत है। लोग जिस तरह से लोग एहतियात बरत रहे हैं उसी तरह अभी आने वाले दिनों में भी एहतियात बरतने की आवश्यकता है।

आईसीयू में 6 बेड हैं खाली
सदर अस्पताल के हॉस्पिटल मैनेजर मो. इसरारूल हक ने बताया कि आईसीयू में 24 बेड मौजूद है। लेकिन इसमें 16 बेड पर ही मरीज भर्ती है, इसमें 3 मरीज वेंटिलेटर युक्त बेड वाले शामिल हैं। जबकि सदर अस्पताल के इमरजेंसी से 2 मरीजों को आईसीयू में रविवार को शिफ्ट किया गया। इस तरह आईसीयू में 18 मरीजों का इलाज चल रहा है। फिर भी अभी आईसीयू में 6 बेड खाली है। इसमें तीन ही वेंटीलेटर युक्त बेड पर मरीज भर्ती है। एक वेंटिलेटर युक्त बेड अभी भी खाली पड़ा है।

इमरजेंसी में 5 बेड खाली
इमरजेंसी में 8 बेड पर ही मरीज भर्ती हैं। इसमें भी 5 बेड खाली पड़ा हुआ है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण सदर अस्पताल के पुरुष वार्ड में ऑक्सीजन युक्त 7 बेड बनाया गया था। इसमें 5 बेड पर मरीज भर्ती है। इसमें भी केवल 2 मरीजों को ही ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। तीन अन्य भर्ती मरीज की स्थिति सामान्य हो गई है। इसलिए अब उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही है, हालांकि इन तीनों मरीजों को डॉक्टरों ने वेट एंड वॉच में रखा है। एक-दो दिन बाद इनकी हालत ठीक रहने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इस वार्ड में भी अभी दो बेड खाली पड़ा हुआ है। डायट स्थित डेडिकेटेड कोविड-19 सेंटर में 91 बेड मौजूद है। लेकिन इसमें केवल 11 बेड पर ही मरीज भर्ती हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है।

ठीक होने के बाद तीन मरीजों को भेजा गया घर
पिछले 24 घंटे के दौरान 3 मरीजों के ठीक होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया। जबकि पिछले 24 घंटे के दौरान डायट स्थित केंद्र में एक भी नए मरीज को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है। इस वजह से यह जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि 1 सप्ताह के बाद जिले में कोरोना वायरस की स्थिति और सामान्य हो जाएगी। इसलिए लोगों को कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। केवल इससे जागरूक होकर सतर्क रहने और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने की जरूरत है। इस तरह कोरोना वायरस से लोग पूरी तरह से काबू पा सकते हैं।

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