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मेंटेनेंस का हाल:कहीं पोल तिरछा हो चुका है तो कहीं बिजली का तार

सीवान16 दिन पहले
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हकाम में सड़क किनारे बिजली के तार में बांधी गयी ईंट। इस खंभे में हुकिंग का जंजाल है। - Dainik Bhaskar
हकाम में सड़क किनारे बिजली के तार में बांधी गयी ईंट। इस खंभे में हुकिंग का जंजाल है।
  • अनदेखी मेंटेनेस के नाम पर हर दिन कटती है बिजली, पर ऐसा कहीं दिखता नहीं
  • समस्या झेल रहे उपभोक्ताओं की कोई नहीं सुनता फरियाद

आए दिन बिजली विभाग की लापरवाही से घंटों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हल्की आंधी बारिश के बाद बिजली कट होना स्वभाविक बात है। विभाग मेंटेनेंस का दावा तो हर समय करता है लेकिन शहर में जहां-तहां जर्जर तार अभी भी लटके मिल रहे हैं। शहर के बबुनिया मोड़, तरवारा मोड़, पकड़ी मोड़, कागज़ी मुहल्ला, राजेन्द्र पथ, हाकाम, ओरमा में जर्जर पोल किसी बड़ी घटना को आमंत्रण देता दिख रहा है। यहां बिजली के पोल ऐसे हंै जो कभी भी गिर सकते हैं और बड़ी अनहोनी हो सकती है। शहर में जर्जर और तिरछे खड़े हाईटेंशन और वोल्ट विद्युत लाइन के दस खंभे हादसों को दावत दे रहे है। घनी आबादी के बीच स्थित पोल गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। खास बात यह है कि बिजली अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए है। शायद किसी हादसे का इंतजार कर रहे है। हादसों से बचाव के लिए जर्जर बिजली के खंभों को नहीं बदला जा रहा है। शहर की आबादी करीब कई लाख से भी ज्यादा है। मोहल्लों में आबादी घना है। शहर में पुरानी बिजली के लाइन व खंभे हैं। इस्लामिया मोड़ में के सामने, मालवीय चौक, गोपालगंज रोड़ पर खंड़े बिजली के चार खंभे 40 डिग्री के कोण तक झुके हैं। इन्हीं खंभों पर तार बंधे है और आपूर्ति हो रही है। तार बंधे होने के कारण ही खंभे अभी तक खड़े हैं। तेज हवा, फाल्ट में तार टूटने पर कभी भी ये खंभे गिर सकते हैं। आर्य कन्या विद्यालय के पास छात्राओं और वाहनों की आवाजाही रहती है।

कई बार दी गई जानकारी पर निदान नहीं हुआ
शहर में स्थानीय लोगों ने बताया कि कई माह से इन बिजली के पौधों को बदलवाने के लिए बिजली विभाग में आवेदन दिया गया है परंतु अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है वार्ड पार्षद को भी इस संबंध में कई बार सूचना दी गई है मगर वह इस पर कोई पहल नहीं कर रहे हैं स्थानीय प्रशासन को बड़ी घटना होने का इंतजार है तब जाकर इस कार्य को पूरा किया जाएगा।

जब भी आंधी आती है तो पोल काफी हिलने लगते हैं। कहीं कोई अप्रिय घटना न घट जाए इसका डर बना रहता है। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम सब मिलकर बिजली कार्यालय का घेराव करेंगे।
संजीदा खातून, स्थानीय निवासी।

कई महीने से समस्या से परेशान हैं। किसी ने पहल नहीं की है। तार और पाेल को दुरुस्त करने में अधिकारी और कर्मचारी ध्यान नहीं देते हैं।
मो मोजम्मिल, स्थानीय निवासी।

जल्द परेशानी होगी दूर
कुछ जगह पोल और खुले तार को ठीक कराया गया था। शिकायत मिली है जल्द ही सभी कार्य कराए जाएंगे। लाेगों की परेशानी दूर की जाएगी। इसको लेकर तैयारी चल रही है। कर्मियों को हिदायत दी गयी है।
अभय मौर्या, एसडीओ।

जर्जर हालत में झालरों की तरह लटक रहे हंै तार

मोहल्लों में खुले तार जर्जर हालत में झालरों की तरह लटक रहे है। इससे कभी भी हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। शहरी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति मुहैया कराने के लिए बिजली विभाग द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें विभाग ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की भी व्यवस्था की है। बिजली की चोरी रोकने के लिए अंडरग्राउंड केबिल बिछाई जा रही है लेकिन शहर में कई मोहल्लों में अब तक वर्षों पुराने बिजली के तार घरों पर झूलते नजर आ रहे है। जिससे कभी भी हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसी ही स्थिति गांधी मैदान के समीप की है। जहां पर विद्युत के जर्जर तार अधिकांश गलियों में लटके नजर आ रहे हैं।

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