पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

योजना:खून की कमी से बचने को सप्ताह में एक नीली गोली लें किशोरियां

सीवान4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • आशा व आंगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर दे रहीं आयरन की गोली
  • 10 से 19 वर्ष तक के किशोर एवं किशोरियां को मिलेगा लाभ

किशोरावस्था स्वस्थ जीवन की बुनियाद होती है। इस दौरान बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास से स्वस्थ जीवन की आधारशिला तैयार होती है। किशोरियों में खून की कमी भविष्य में सुरक्षित मातृत्व के लिए खतरनाक साबित होती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा साप्ताहिक आयरन फॉलिक एसिड अनुपूरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें 10 से 19 वर्ष तक के किशोर एवं किशोरियों को सप्ताह में आयरन की एक नीली गोली वितरित करने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी सेविका और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर किशोर-किशोरियों के बीच आयरन गोली का वितरण कर रही हैं। 

लक्षित समूह 

  • स्कूल जानेवाले सभी किशोर व किशोरी जो की छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा के बीच हों।
  • सभी बच्चे जो 10 वर्ष से 19 वर्ष की आयु के बीच हों।
  • ऐसी किशोरी जो की स्कूल नहीं जाती हो।

घर-घर जाकर दी जाएंगी गोलियां
साप्ताहिक आयरन फॉलिक एसिड अनूपुरण कार्यक्रम के तहत विद्यालय जाने वाले तथा विद्यालय नहीं जाने वाले किशोर-किशोरियों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर आयरन की गोली उपलब्ध कराई जा रही हैं। आशा की जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने पोषक क्षेत्र में शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से प्रति किशोर-किशोरियों को प्रथम चरण में आई स्ट्रीप्स 15 गोली देने के लिए आकलन कर एएनएम से मांग करेंगी। 10 से 19 वर्ष अथवा कक्षा 6 से 12वीं तक विद्यालय नहीं जाने वाली किशोरियों को  पूर्व की तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर आई स्ट्रीप्स आईएफए ब्लू गोली (15) उपलब्ध करा रहीं हैं।

आयरन की कमी गंभीर समस्याओं का संकेत

  • शरीर में आयरन की कमी से कई गंभीर समयाएं उत्पन्न होती है।
  • आयरन की कमी से किशोरों में स्मरण शक्ति, पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन एवं सक्रियता में कमी आ जाती है।
  • सम्पूर्ण मानसिक एवं शारीरिक विकास में बाधा।
  • रोग प्रतिरोध क्षमता में कमी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा।
  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में बढ़ोतरी।
  • प्रसव के दौरान स्वास्थ्य जटिलताओं में वृद्धि।

किशोरियों में खून की कमी गंभीर समस्या
सिविल सर्जन डॉ. यदुवंश कुमार शर्मा ने बताया एनीमिया को लेकर लोगों के व्यवहार परिवर्तन के लिए सामुदायिक स्तर पर अनेकों प्रयास भी किए जा रहे हैं। किशोरियों में खून की कमी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी करती है। किशोरी ही भविष्य में माँ बनती है। इसलिए किशोरावस्था में उनका बेहतर स्वास्थ्य सुखद एवं स्वस्थ मातृत्व के लिए जरूरी हो जाता है। विफ़्स के तहत समस्या दूर करने की पहल की गई है। 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज किसी समाज सेवी संस्था अथवा किसी प्रिय मित्र की सहायता में समय व्यतीत होगा। धार्मिक तथा आध्यात्मिक कामों में भी आपकी रुचि रहेगी। युवा वर्ग अपनी मेहनत के अनुरूप शुभ परिणाम हासिल करेंगे। तथा ...

और पढ़ें