अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष:खुद पहलवानी छोड़ी तो दो बेटियों को बना दिया राष्ट्रीय पहलवान

हसनपुरा| महावीर कुमार​​​​​​​9 महीने पहले
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पहलवान पिता के साथ दोनों बेटियां। - Dainik Bhaskar
पहलवान पिता के साथ दोनों बेटियां।
  • आर्थिक परेशानी में भी पिता के सपने को साकार करने में जुटी है लाडली, विदेशों में भी बना चुकी है पहचान
  • 17 किमी दूर जाकर करती हैं प्रैक्टिस, पढ़ाई और घर के काम से भी कोई समझौता नहीं

हसनपुरा के राजेन्द्र गुप्ता की दो बेटियां दीपा व श्वेता दंगल गर्ल के नाम से खूब चर्चा में हैं। पिता पहलवान तो बेटियां भी पहलवान। अपने पहलवान पिता के सपने को साकार करने की राह पर वह चल रही हैं। पूरा परिवार हसनपुरा में ही रहता है। 78 वर्ष के हो जाने के कारण श्री गुप्ता ने अब पहलवानी छोड़ दी है। जब पहलवानी करते थे तो इनका नाम बड़े पहलवानों में शुमार था। अब वह घड़ी की दुकान चलाते हैं। उनकी पांच बेटियां व एक बेटा है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी दीपा व श्वेता में इनको पहलवानी के लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद उनको पहलवान बनाने की ठान ली। सीवान से ही जीत का िसलसिला शुरू हुआ। दोनों ने भूटान में भी पहलवानी में जीत का परचम लहराया है। आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव में इन दोनों बेटियों ने पिता के सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया। होम ट्यूशन पढ़ाकर 17 किमी दूर सीवान जाना, कॉलेज की पढ़ाई, फिर मलयुद्ध का प्रशिक्षण, फिर वापस घर लौटना, वहां फिर ट्यूशन पढ़ाने के बाद घर की जिम्मेदारी संभालना इनकी दिनचर्या बन गई, लेकिन लगन थी तो सफलता भी मिलती गई।

जीत का दौर शुरू
सीवान से जीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो भूटान तक जारी रहा। राज्यस्तरीय और नेशनल प्रतियोगिताओं में इनको कोई धूल चटाने वाली प्रतिद्वंद्वी पहलवान नहीं मिली। साल 2015 में हरियाणा में पहली बार नेशनल खेलने का मौका मिला तो वहां भी दोनों ने गोल्ड मेडल जीतकर सीवान सहित पूरे बिहार को गर्व महसूस करने का अवसर प्रदान किया।

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