सीओ ने लगायी घिन्हू ब्रह्ममेला पर रोक:लोगों में आक्रोश; श्रद्धालु बोले - सभी आयोजन हो रहे हैं तो मेला पर रोक न्यायसंगत नहीं

संझौली16 दिन पहले
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घिंहु ब्रम्ह का निर्माण होता मंदिर। - Dainik Bhaskar
घिंहु ब्रम्ह का निर्माण होता मंदिर।

प्रखण्ड में दशहरा के माैके पर घिंन्हू ब्रम्ह में मेला का अायाेजन किया जाता है। ज्ञात हो कि पूरे साल में यहां दो बार मेला लगता है। जो साल में दशहरा और चैती नवरात्र में लगता है। पिछले दो वर्ष से कोरोना के कारण मेला प्रशासन द्वारा रोक दी जा रही है। जिसके चलते मेला का आयोजन नहीं हो रहा है। ज्ञात हो कि इस वर्ष शारदीय नवरात्रि के समय मे मेला को ले श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो चुका है।

जिसकी खबर मिलते ही प्रखण्ड प्रशासन संझौली सीओ विनय शंकर पंडा ने मेला में जुट कर श्रद्धालुओं और मंदिर के पांडा को मेला नहीं लगाने की चेतावनी दी। नहीं माननें पर कार्रवाई करने की बात कही। जिसको लेकर मेला के दुकानदारों और श्रद्धालुओं में काफी आक्रोश है। दुकानदारों का कहना है कि अब तो चुनाव हो रहा है। सभाएं हो रही है फिर भी प्रशासन क्यों मेला पर प्रतिबंध लगा रही है।

एक तरफ सभाओं को खुले छूट है कि सभा कर के चुनाव और नेता का रैली देश में जगह जगह हो रहा है। जिस पर प्रतिबंध नहीं है तो आखिर मेला पर प्रतिबंध क्यों। वही श्रद्धालुओ का भी यही कहना है कि भीड़ जुटा कर सभी कार्य किया जा रहा है,तो हम श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात क्यों। नियम कानून सबके लिए बराबर है। हर जगह दुर्गा पूजा का पंडाल बनाया जा रहा है।

वहां भीड़ जुटेगी की नंही। मेला पर प्रतिबंध लगाना प्रशासन की तानाशाही रवैया को दर्शाता है। वही मंदिर के पांडा समाज का कहना है कि मेला का जमीन हम लोगों का है। साल भर इसमे कुछ पैदा नहीं होता है। ऊपर से मेला पर भी वैन है। अब कोरोना पॉजिटिव केस नहीं मिल रहा है। सभी आयोजन हो रही है तो मेला पर रोक न्याय संगत नहीं है।

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