सुविधा:गंगा नदी पर पहलेजा-रामसापुर पीपापुल तैयार होने के साथ आवागमन प्रारंभ, लोगों को मिली सुविधा

सोनपुर6 दिन पहले
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पहलेजा रामसापुर पीपा पुल तैयार होने के साथ आवागमन प्रारम्भ - Dainik Bhaskar
पहलेजा रामसापुर पीपा पुल तैयार होने के साथ आवागमन प्रारम्भ

मकर संक्रांति पर गंगा पार दियारा के लॉगिन की परेशानियां कम हुई जब पहलेजाघाट के सामने से रामसापुर के बीच गंगा नदी पर पीपापुल के निर्माण के साथ ही शुक्रवार से इसे आमजनों के आवाजाही के लिए शुरू कर दिया गया। अब कृषि से आधारित इस इलाके के दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। बताते चलें कि इस पीपा पुल के निर्माण के लिए नवयुवक संघर्ष समिति ने लंबे समय से संघर्ष और जोरदार आंदोलन किया था। साथ ही स्थानीय विधायक डॉ. रामानुज प्रसाद भी आने स्तर से लगातार प्रयासरत थे जिसके बाद 2016 में इस पीपापुल का निर्माण हुआ।

हालांकि, इसके निर्माण एजेंसी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को पांच साल के लिए इसके मरम्मति के साथ प्रतिवर्ष गंगा के जलस्तर के अत्यधिक बढ़ने पर खोलने और पुनः कम होने पर लगाने का काम मिला था। पांच वर्ष के समय पूरे होने के बाद इसके पुनः निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति में देरी को देख स्थानीय लोग आक्रोशित थे। एक बार फिर बड़े आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने ही वाले थे कि निर्माण का भरोसा सीओ ने ग्रामीणों से मिलकर दिया था। खुद एसडीओ एवं एसडीपीओ ने डीएम से इस पीपा पुल के निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा था।

पांच साल तक का एग्रीमेंट कंपनी के साथ है
उन्होंने बताया बाढ़ या पानी अधिक बढ़ जाने पर खोलने और फिर पानी सामान्य होने पर बनाने का 5 साल तक का एग्रीमेंट इस कंपनी के साथ है। इस पुल के निर्माण के लिए संघर्षरत नागेन्द्र राय उर्फ बिजली राय, बजरंगी यादव, रामाकांत राय, जोगेन्द्र राय, श्यामबाबू राय आदि ने बताया कि इस पूल के निर्माण से खरिका, सैदपुर व कसमर, गोविंदचक पंचायत के दर्जनों गांव की जनता एवं किसान बहुत ही खुश है। गंगा इस पार व उस पार के दियारा के लोगों का आने जाने का पूर्व में एकमात्र साधन नाव ही था जिससे वो सोनपुर अनुमंडल या प्रखंड आ जा सकते थे। या इधर के लोग उधर कृषि कार्य के लिए जा सकते थे। इमरजेंसी व बच्चों की पढ़ाई हो अथवा शादी विवाह में भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

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