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मनमानी:तरारी में यूरिया की कालाबाजारी होने से किसान बेचैन, अब पनपने लगा है आक्रोश

तरारी4 दिन पहले
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  • तरारी में प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पद रिक्त, विभाग का दावा- खाद की कमी नहीं

स्थानीय तरारी प्रखंड में 14820 हेक्टेयर जमीन में धान की खेती होती है। अब भी प्रखंड में धान का सीजन है, पर किसानों को खाद की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। धान फसल में वर्तमान समय में खाद डालना अति आवश्यक है। क्षेत्र में 75 खाद दुकान है। अगस्त माह में 549 एमटी खाद की आपूर्ति जिला मुख्यालय से खाद दुकानदारों को की गई थी। जबकि, सितम्बर माह में 561 एमटी यूरिया तरारी के लिए भेजा गया है। इसके बावजूद भी खाद के लिए किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल रहा है। कृषि विभाग की उदासीनता से दुकानदार खाद की कालेबाजारी कर रहे हैं। किसानों को निर्धारित दर से अधिक दाम देना पड़ रहा है। किसान खाद के लिए व्यग्र हैं।

इधर, जिला कृषि विभाग का दावा कर रहा है कि तरारी में खाद की कमी नहीं है। किसानों ने बताया कि खाद न मिलने की शिकायत जिला कृषि पदाधिकारी से किया गया है। इसके बाद भी कालेबाजारी पर अंकुश नहीं लग रहा है। दूसरी ओर, शंकरडीह गांव निवासी पुष्पेंद्र सिंह, कुरमुरी गांव निवासी छोटे सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि यूरिया नहीं मिल रहा है। दुकानों पर खाद आते ही काफी भीड़ हो जा रही है। कुछ किसान को ही खाद मिल पा रही है, वह भी मात्र दो-तीन बोरा तक। पर्याप्त खाद नही मिलने के कारण किसानों को अपने फसल उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

सोहनी के बाद धान की ग्रोथ बढ़ाने के लिए खाद की काफी आवश्यकता पड़ती है। धान फसल में दो से तीन बार यूरिया खाद की जरूरत पड़ती है। कम से कम प्रति हेक्टेयर 200 किलो यूरिया किसानों द्वारा खेतों में डाला जाता है। तरारी क्षेत्र की 14820 हेक्टेयर के लिए कम से कम 3000 एमटी खाद की खपत होती है।

कृषि पदाधिकारी का पद रिक्त, समन्वयक के भरोसे चल रहा तरारी का विभाग, इसलिए किसानों को हो रही परेशानी
तरारी प्रखंड में प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पद रिक्त है। किसी अन्य प्रखंड के कृषि पदाधिकारी की भी तरारी में प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है। किसी प्रकार कृषि समन्वयक से विभाग काम चला रहा है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी की पदस्थापना नहीं होने से इस हालत में तरारी प्रखंड के किसान अपनी कृषि संबंधी आवश्यकताओं और समस्याओं का समाधान नहीं करा पाते। यह हाल उस जिले का है, जो कृषि मंत्री का गृह जिला है।

अधिकारी का दावा: खाद की कमी नहीं
जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि तरारी प्रखंड में दुकानदारों के पास मंगलवार तक 273.56 एमटी यूरिया है। दो-चार दिन के अंदर भोजपुर जिला के लिए 2000 मैट्रिक टन यूरिया आ रहा है। कालेबाजारी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

कृषि विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
अनियमितता के आरोप में जिला कृषि पदाधिकारी ने पूर्व में बागर गांव एक खाद दुकानदार का लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया है। सैदनपुर तथा करथ गांव में खाद की कालाबाजारी की शिकायत पर जिला कृषि पदाधिकारी ने पीरो के प्रखंड कृषि पदाधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया है। जबकि, तरारी में काफी वक्त से प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पद रिक्त है।

दुकानदार बोले- जरुरत के मुताबिक खाद का आवंटन नहीं
मोपती बाजार के खाद दुकानदार संजय सिंह ने कहा कि क्षेत्र के किसानों के लिए जितना पर्याप्त यूरिया खाद चाहिए, उतना नहीं मिल पा रहा है। जिससे यूरिया की किल्लत की समस्या बनी हुई है। दुकानदारों ने कहा कि यूरिया 258 रु प्रति बोरा खरीदा जाता है। जिसे 266 रु 50 पैसे में बेचने को मजबूर होना पड़ता है। जिसमें 4 रु पलदारी लगता है। मोपती बाजार स्थित दुकानदार अरबिंद सिंह ने कहा कि मेरे पास खाद की कोई कमीं नहीं है।

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