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अनिश्चित कालीन काम ठप:नल-जल योजना के पम्प चालकों ने काम बंद करने का लिया निर्णय

तेघड़ा11 दिन पहले
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  • पारिश्रमिक नहीं मिलने से आक्रोशित पंपचालकों ने लिया फैसला

पारिश्रमिक नहीं मिलने से आक्रोशित जल नल योजना के पम्प चालकों ने 21 सितंबर से अनिश्चित कालीन काम ठप रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जल नल योजना से सम्बद्ध मेंघौल पंचायत के पम्प चालकों की बैठक शनिवार की रात मेंघौल स्थित इन्द्रकांत मिश्र उर्फ लाला के दरवाजे पर सम्पन्न हुई।

बैठक में सर्वसम्मति में विगत 18 माह से बकाया पारिश्रमिक का ठेकेदार द्वारा अबतक भुगतान नहीं किए जाने को लेकर पम्प चालकों ने आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही निर्णय लिया कि 20 सितंबर तक यदि बकाया पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तब 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन काम बंद कर दिया जाएगा।

पम्प चालकों ने बताया कि पम्प स्थापना के लिए हमलोगों ने दान में अपनी जमीन दी है। स्थापना काल से ही पम्प चलाने और बंद करने का काम हमलोग करते आ रहे हैं। सरकार द्वारा पम्प चालकों के मानदेय का भुगतान की जिम्मेदारी पांच साल के लिए एकमुश्त ठेकेदारों को दी गई है। बावजूद ठेकेदार द्वारा हमलोगों का पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया जा रहा है।

काम बंद होने पर वार्डों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। बैठक में सुभम कुमार सुमन, संतोष सिंह, गोविंद प्रसाद सिंह, राजा राम महतो, कन्हैया दास, जागो पासवान, इन्द्रकांत मिश्र, राम शंकर महतो, प्रमोद कुमार, गिताकान्त चौधरी, विनय कुमार, सुभाकर कुमार, राजेश कुमार, नंदन प्रसाद सिंह, सौरभ कुमार, जगरनाथ चौधरी, मनीष कुमार आदि मौजूद थे।

कहते हैं ठेकेदार : इस मामले में जल नल योजना के ठेकेदार सुनील कुमार ने बताया कि पम्प ऑपरेटर के पारिश्रमिक भुगतान पेयजल आपूर्ति आरंभ होने के दिन से किये जाने का प्रावधान है। पम्प जनवरी-फरवरी माह से पानी देना शुरू किया है। ऐसे में पम्प चालकों का 18 माह से बकाया का दावा निराधार है। भुगतान के बावत उन्होंने कहा कि फिलवक्त विभाग द्वारा राशि आवंटन नहीं करवाया गया है। राशि मिलने पर भुगतान कर दिया जाएगा।

कहते हैं जेई
विभागीय जेई मनोज कुमार ने बताया कि ठीकेदार द्वारा जलनल योजना का सम्पूर्ण काम पूरा नहीं किया गया है। पाइप बिछाने के दौरान किए गए सड़क क्षतिग्रस्त को ठेकेदार द्वारा अबतक दुरुस्त नहीं किया गया है। कुछ वार्डो में जल नल का पम्प भी चालू नहीं किया गया है। ऐसे में ठेकेदार को राशि का भुगतान सम्भव नहीं है।

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