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सर्वे शुरू:कैंप लगाकर बच्चों को दिया गया टीका , बगहा निजामत गांव में बच्चो को दिया जा रहा है टीका

थावे15 दिन पहले
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  • दिघवा और महुआ में बीमार बच्चों का सर्वे शुरू

प्रखंड के दिघवा एवं महुआ गांवों में वायरल फीवर सहित अन्य बीमारियों से बीमार बच्चों का सर्वे शुरू हो गया है। सीएस के निर्देश पर अस्पताल के मीटिंग हॉल में आशा कार्यकर्ताओं स्वास्थ्य कर्मियों एवं डॉक्टरों की आपात बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि वैसे बच्चों की सूची तैयार किया जाए जो बच्चे पहले यही टीका से वंचित हैं। जिन बच्चों को जेई का टीका पहले लगाया जा चुका है। सूची में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा। महुआ एवं दिघवा गांवों में दो बच्चों की मौत व दो बच्चों में बिमारी के लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जापानी बुखार से बचाव के लिए टीकाकरण कराने का निर्णय लिया है। सिविल सर्जन डॉ योगेंद्र महतो ने बैकुंठपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह को वैक्सीनेशन से संबंधित आवश्यक निर्देश दिया है।

जिसमें दोनों गांवों में डोर-टू- डोर सर्वेक्षण कर सूची तैयार करने को कहा गया है। एमओआईसी ने बताया कि निर्देश के आलोक में कर्मियों की बैठक कर सर्वे के लिए रवाना कर दिया गया है। टीम में डॉ अनिल कुमार सिंह, डॉ आफताब आलम, डॉ मनीष कुमार, डॉ ओमप्रकाश, डॉ शशि शेखर, डॉ शशि गुप्ता, डॉ कुमार निशांत सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।थावे में बगहा निजामत गांव में वायरल फीवर व डायरिया के प्रकोप बढ़ने के बाद एएनएम व आशा कार्यकर्ता घर घर घूम घूम कर सर्वे कर रही है। प्रखंड के एकडेरवा पंचायत के बगहा निजामत गांव में वायरल फीवर व डायरिया के प्रकोप बढ़ने से अभी तक तीन बच्चों की मृत्यु हो चुकी है।जिसमें बगहा निजामत गांव के अफरीना खातून, मुन्नी कुमारी और गुलशन कुमार शामिल है।समुदायिक चिकित्सा प्रभारी डॉ अविनाश कुमार ने बताया कि बगहा निजामत गांव में डायरिया और फीवर का प्रकोप बढ़ने से तीन बच्चो की मौत हुई है।जिसको लेकर चार मेडिकल टीम में शामिल एऎनएम और आशा कार्यकर्ता द्वारा बच्चो का सर्वे घर घर की जा रही है। उन्होंने बताया कि 9 माह से 15 वर्ष के बच्चो को सर्वे कर दिमागी बुखार का टीका दिया जा रहा है।

रोटावायरस का दिया जा रहा टीका

साथ ही जन्म से पांच वर्ष के बच्चों को पोलियो,डायरिया, खसरा ,पेंटाभैलेन्ट ,एमआर, आईपीवी और रोटा वायरस का टीका दिया जा रहा है। जबकि 16 माह से 6 वर्ष के बच्चो को डीपीटी का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही किसी कारण से छूटे हुए 15 बच्चो को दिमागी बुखार का टीका दिया गया। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भो बच्चे में चमकी बुखार का लक्षण नही पाया गया है। सर्वे के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधक खुशबू कुमारी,बीसीएम गुड़िया कुमारी ,यूनिसेफ के संजय सिंह और डॉ शत्रुंजय कुमार,एकलाख अहमद, एएनएम और आशा कार्यकर्ता सहित चिकित्सा कर्मी शामिल थे।

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