पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

कोरोना से युद्ध में आगे आए चिकित्साकर्मी:पहले ढाल बनकर की लोगों की सेवा, अब जीवन बचाने में भी निभाएंगे अपनी भूमिका

प्रतापगढ़12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 18 के करीब चिकित्सा कर्मी हुए थे कोरोना पॉजिटिव, इनमें से 7 चिकित्सा कर्मी प्लाज्मा डोनेट करने के लिए हुए तैयार

कोरोना से रिकवर होते प्रतापगढ़ के लिए राहत और उम्मीदों भरी खबर आई है। कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में फ्रंट लाइन पर खड़े चिकित्सा कर्मी अब कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा डोनर भी बनेंगे। गौरतलब है की प्रतापगढ़ जिले में करीब 18 से ज्यादा चिकित्सा कर्मी पिछले दिनों अलग-अलग समय में कोरोना पॉजिटिव हुए थे।

इसके बाद अब तक यह सभी वापस कोरोना से रिकवर भी हो चुके हैं और व्यवस्थाएं भी संभाल चुके हैं। कोरोना से रिकवर होने वालों में सबसे बड़ा नाम जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओपी दायमा का भी है। अब इनमें से 7 चिकित्सा कर्मी कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हो चुके हैं।

जिला चिकित्सालय प्रशासन इसको लेकर तैयारियों में भी जुट गया है। एक तरफ प्रतापगढ़ में ही जहां कोरोना के लिए लैब खोलने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्लाज्मा डोनेट करने वालों की सूची भी तैयार हो रही है।

कोरोना महामारी के उपचार में प्रभावी तकनीक है प्लाज्मा थैरेपी

कोरोना का उपचार करने वाले डॉक्टरों के सामने अब तक यह चीज आई है कि कोरोनावायरस के उपचार में प्लाज्मा थैरेपी एक प्रभावी उपचार है। जो कोरोना से जंग जीतकर आया है उस व्यक्ति का प्लाज्मा थैरेपी के दौरान लिया जाता है और संक्रमित व्यक्ति के शरीर में चढ़ाया जाता है। वर्तमान में इस बीमारी से प्रदेश में करीब 100000 लोग ठीक भी हुए हैं। इनमें से कई उदाहरण प्लाज्मा थैरेपी से ठीक होने वालों के भी है। हालांकि प्रतापगढ़ के अंदर प्लाज्मा से ठीक होने वाले मरीजों का नाम नहीं है, लेकिन अब चिकित्सा कर्मी खुद अपना प्लाज्मा डोनेट करके दूसरे कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जान बचाएंगे।

यह रहता है प्लाज्मा दान करने का तरीका : प्लाज्मा दान करने का तरीका आसान है। प्लाज्मा दान करने वाले व्यक्ति का रक्त नहीं लिया जाता है। बल्कि प्लाज्मा दान करने वाले व्यक्ति का रक्त एक मशीन से निकालकर रक्त में से गाढ़ा तरल पदार्थ संरक्षित कर रक्त को वापस व्यक्ति के शरीर में भेज दिया जाता है। इस मशीन में रक्त में प्लाज्मा निकल कर अलग संग्रहित हो जाता है। जिससे किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं होती है। इसको लेकर आमजन के दिमाग में कुछ गलतफहमियां भी हो रखी है कि थैरेपी के दौरान व्यक्ति के शरीर से रक्त निकाला जाता है। जबकि वास्तव में ऐसा है नहीं।

चिकित्साकर्मी है तैयार जिला चिकित्सालय में गत दिनों कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए चिकित्सा कर्मचारी प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हो चुके हैं। हालांकि इनके नामों को लेकर अभी चिकित्सा प्रशासन की तरफ से कोई खुलासा नहीं किया गया है लेकिन बताया जा रहा है कि करीब 7 चिकित्सा कर्मी अपना प्लाज्मा डोनेट करेंगे। जिला चिकित्सालय प्रशासन की तरफ से उनसे बात कर उनकी सहमति ली जा रही है। हालांकि प्लाज्मा डोनेट करने वाले चिकित्सक कर्मियों की यह सूची अभी और बढ़ सकती है। गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय सहित जिले भर में कोरोना योद्धा के रूप में काम कर रहे चिकित्सा कर्मियों में से करीब 18 चिकित्सा कर्मी कोरोना पॉजिटिव हुए थे। जो अब रिकवर हो चुके हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आप अपनी दिनचर्या को संतुलित तथा व्यवस्थित बनाकर रखें, जिससे अधिकतर काम समय पर पूरे होते जाएंगे। विद्यार्थियों तथा युवाओं को इंटरव्यू व करियर संबंधी परीक्षा में सफलता की पूरी संभावना है। इसलिए...

और पढ़ें