बाढ़ से बचाने को बेमौसम छठी माई की पुकार:वैशाली के लोग बोले- हम अरघ देलीं तोहार, बाढ़ से बचावा ऐ छठी मइया... प्रशासन तो सुनता नहीं, अब आप ही सुन लीजिए

वैशाली2 महीने पहले
हाथ में दउरा लेकर अर्घ्य देते कार्यकर्ता।

हम अरघ दीलैं तोहार, बाढ़ से बचावा ऐ छठी मइया... हाथ में दउरा लिए लोग छठी मैया को अर्घ्य दे रहे हैं। छठ का यह समय तो नहीं है, फिर भी वैशाली का भगवानपुर छठ गीतों से गुलजार है। यहां के लोग छठी मइया से बाढ़ से बचाने की गुहार लगा रहे हैं। बता दें कि शारदीय छठ के अलावा चैती छठ भी बिहार और बाकी जगह काफी लोग करते हैं, लेकिन अभी जो लोग छठी माई को अर्घ्य दे रहे हैं, वह मामला कुछ अलग है।

लोगों का कहना है कि यास तूफान के आने के बाद से ही इलाका जलमग्न है। बाया नदी में उफान के कारण बाढ़ अब परेशानी की सबब बन रही है। कई बार प्रशासन से भी गुहार लगाई गई है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। अब लोग सूर्य भगवान से ही विनती कर रहे हैं कि उन्हें बाढ़ से मुक्ति दिलाएं।

बाढ़ के पानी में आराधना।
बाढ़ के पानी में आराधना।

राजद कार्यकर्ताओं ने किरतपुर राजाराम गांव के कटवा पुल के पास बाढ़ के पानी में खड़े होकर छठ की तर्ज पर पूजा-अर्चना की। वह भगवान भास्कर को दउरा में फल-पकवान लेकर अर्घ्य देते नजर आए। छठी मइया के गीत गाते और बाढ़ से राहत देने के लिए गुहार लगाते दिखे। बाढ़ के पानी में बैठकर कई कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना भी की।

राजद की प्रदेश उपाध्यक्ष मंजू सिंह ने कहा कि यास तूफान के बाद से ही भगवानपुर प्रखंड बाढ़ में डूबा है। बाया नदी कहर बरपा रही है, जिसके कारण इंसान तो इंसान जानवर भी मर रहे हैं- 'हमलोग प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके आज तक बाढ़ राहत कार्य इस इलाके में नहीं पहुंचा है। अब हमलोग छठी मइया से बाढ़ से बचाने की गुहार लगा रहे हैं। जिस प्रकार छठ पूजा में अर्घ्य देते हैं। हमलोगों ने आज अर्घ्य देकर भगवान भास्कर की आराधना की है'।

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