महापर्व छठ की तैयारी:दिवाली संपन्न होते ही हिंदुओं के महापर्व छठ की तैयारी में जुटे श्रद्धालु

वारिसलीगंज22 दिन पहले
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वारिसलीगंज प्रखंड में दीपावली संपन्न होते ही हिंदुओं का महापर्व छठ की तैयारी में श्रद्धालु लोग जुट गए हैं। अहले सुबह गांव की गलियों की साफ सफाई करते हुए छठ पूजा की गीतों से क्षेत्र गूंजने लगी है। पूजा तैयारी को ले लोगों के द्वारा छठ की खरीदारी, शुद्धता पूर्वक भोजन बनाने के लिए मिट्टी का चूल्हा का निर्माण समेत पूजा से जुड़े कार्य को संपन्न करने में जुट गए हैं। सोमवार को नहाए खाए के साथ ही चार दिवसीय हिंदुओं का महापर्व छठ का आगाज होना है।

सोमवार को नहाए खाए, मंगलवार को नौहन्दा, बुधवार की शाम अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को पहला अर्घ्य व गुरुवार को उदयीमान भगवान उदयीमान सूर्य को अर्ध्य देने के पश्चात पारण के साथ ही छठ महापर्व संपन्न होना है। जिसके लिए छठ महापर्व में शामिल महिलाएं सुरक्षित व शुद्ध स्थान देखकर नहा धोकर मिट्टी से चूल्हा बनाने का कार्य करना शुरू कर दिया है। बता दें कि छठ महापर्व में खरना का प्रसाद बनाने के लिए शुद्धता पूर्वक बनाए गए मिट्टी का चूल्हा या ईट का प्रयोग किया जाता है। पूजा में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों में घर का पिसा हुआ गेहूं का आटा जिससे पकवान बनाया जाना है ।

वैसे अनाज को शुद्धता पूर्वक धो सुखाकर व चुन बीन कर घरेलू जाता में आटा पीसने का कार्य शुरू कर दिया गया है। चूल्हा बनाने, अनाज को धोने या सुखाने व चुनने बीनने और पीसने के समय घर की महिलाएं अपार श्रद्धा के साथ छठ मैया की महिमा से जुड़ी मगही गीतो को गाकर अपने कार्यो का निष्पादन करती है। घर, बाजार के हर चौक चौराहे पर छठ की तैयारी व छठ मैया की महिमा से जुड़ी गीतो से क्षेत्र का वातावरण भक्ति मय हो गया है

दूसरी ओर वारिसलीगंज नगर परिषद द्वारा नगर के सामबे तालाब, माफी तालाब, मटकोरवा सूर्यमंदिर तालाब तथा शान्तिपुरम सूर्य मंदिर तालाब के छठ घाटों की साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के समाजसेवियों द्वारा जेसीबी मशीन से सकरी नदी एवं पौरा नहर के घाटों के साफ सफाई का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।

छठ पूजा को लेकर घर पहुंचने लगे परदेशी
सरकारी व गैर सरकारी नौकरियों या फिर परिवार के साथ महानगरों में रह कर मिहनत मजदूरी कर कमाई कर रहे लोगों का छठ महापर्व में शामिल होने के लिए घर आने का सिलसिला शुरू हो गया है। मगध क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों के लिए छठ महापर्व अपार श्रद्धा का पर्व है ।यही वजह है कि परदेसी और कोई पर्व में घर आए या ना आए लेकिन अगर घर की महिलाएं छठ महापर्व करती है तो विदेश में रहने वाले भी करते हैं।

अहले सुबह से ही गलियों की सफाई में जुट जाती है युवतियां
हिंदुओं का पावन माह कार्तिक माह की शुरूआत होते ही शुद्धता की बयार हर ओर बहने लगती है। गांव की लड़कियां समूह बनाकर आधी रात में ही झाड़ू और बाल्टी में पानी लेकर सड़कों पर निकल जाती है। छठ को देखते हुए शुद्धता के साथ साफ-सफाई के साथ साथ महापर्व में शामिल महिलाओं का कदम गंदगी भरे रास्ते ना पड़े जिसके लिए महिलाएं रास्ते की सफाई करके पानी से साफ करती हैं।

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