उपलब्धि:ई-टेलीकंस्लटेंसी में जून में डॉ. संध्या श्री को मिला पहला स्थान, एक महीने में 1849 मरीजों को दी सलाह

पूर्णियाएक महीने पहले
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  • जून महीने में 14162 मरीज़ों को ई-टेलीकंस्लटेंसी के द्वारा दी गई सेवाएं

संचार क्रांति के युग में गरीब, असहाय एवं जरूरतमंदों को चिकित्सीय सुविधाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से मिलनी शुरू हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जून महीने में ई-टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से मरीजों के इलाज की रिपोर्ट जारी कर दी है। ज़िला स्वास्थ्य समिति की डीपीसी निशि श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 1 से 30 जून 14162 मारीज़ों को ई-टेलीकंस्लटेंसी के द्वारा सेवाएं दी गई हैं। एक महीने के अंदर सबसे ज़्यादा मरीज़ों को सेवाएं देनी वाली अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी में पदस्थापित महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या श्री का नाम शुमार हुआ है। डॉ. संध्या श्रीने 1849 मरीज़ों को कंसल्टेंसी के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श दिया गया है। वहीं दूसरे स्थान पर श्रीनगर पीएचसी के चिकित्सक डॉ. मो. कुतुब राही ने 1560, बीकोठी के चिकित्सक डॉ. अबसार आलम ने 1523, बायसी की महिला चिकित्सक डॉ .अंकिता कुमारी ने 1121 तो पांचवें स्थान पर बीकोठी के चिकित्सक डॉ प्रमोद कुमार के द्वारा 1110 मरीजों को ई-संजीवनी टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श दिया गया है।वहीं सिविल सर्जन डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को पहले से बेहतर बनाने के उद्देश्य से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान समय में ई-टेलीमेडिसीन कंसल्टेंसी सेवा इसका एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक कम से कम 50 या उससे अधिक मरीज़ों में ई-टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श एवं निःशुल्क दवा का वितरण किया जाता है।वहीं जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि ई-टेलीमेडिसीन कंसल्टेंसी के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, आंख, कान, नाक, दंत, त्वचा, मलेरिया, कुष्ठ, बुख़ार, हाइपरटेंशन, खांसी, सर्दी, बीपी, सुगर, अर्थराइटिस, यक्ष्मा, परिवार नियोजन, पोषण, एड्स, कैंसर तंबाकू उपयोग के दुष्परिणाम से संबंधित परामर्श के अलावा चिकित्सीय सेवाएं भी दी जाती हैं।

डॉ. संध्या श्री ने 1849 मरीजों को दिया परामर्श
अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या श्री ने बताया कि जून का महीना गर्मी का होता है।इसके साथ ही क़भी-क़भी बेमौसम बरसात भी होते रहता है। जिस कारण उमस भरी मौसम में होने वाली बीमारियों से संबंधित सबसे ज़्यादा मरीजों की संख्या रही है।केवल एक महीने में 1849 वैसे मरीज़ों को चिकित्सीय परामर्श दिया गया है।टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा का वितरण भी किया जाता है।

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