वारदात:1.40 लाख रुपए बकाया नहीं देने पर कुर्सेला के मक्का व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या

रूपौली / कुर्सेलाएक महीने पहले
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आरोपी की पत्नी से पूछताछ करती टीकापट्टी पुलिस। - Dainik Bhaskar
आरोपी की पत्नी से पूछताछ करती टीकापट्टी पुलिस।
  • टीकापट्टी के डुमरी की घटना, कुर्सेला से बंधक बनाकर व्यापारी को लाया गया था रूपौली
  • आरोपी किसान की पत्नी ने कहा-एक महीने पहले बेटे ने बेचा था 1.40 लाख का मक्का, व्यापारी पैसे देने में कर रहा था टाल-मटोल

कुर्सेला के मक्का व्यवसायी सकलदीप चौरसिया की टीकापट्टी थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि उसके पास किसान द्वारा बेचे गए मक्का का 1.40 लाख रुपए बकाया था, जिसे देने में वह टाल-मटोल कर रहे था। किसान व उनके सहयोगी के द्वारा उसे बंधक बनाकर कुर्सेला के हाईस्कूल मैदान से गांव लाया गया था, जहां उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। सकलदीप चौरसिया का शव किसान योगेंद्र मंडल के घर से बरामद हुआ है। टीकापट्टी थानाध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि मृतक के पिता राधेश्याम चौरसिया के लिखित आवेदन पर योगेन्द्र मंडल सहित 11 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इधर, मृतक के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान हैं। मौत के बाद आरोपी किसान घर छोड़कर फरार हो गया। व्यवसायी सकलदीप चौरसिया के हाथों डुमरी के किसान योगेंद्र मंडल ने एक माह पूर्व लगभग 1.40 लाख रुपए का मक्का बेचा था। मक्का खरीदने के समय सकलदीप ने 10 मिनट में बैंक खाता में रुपये भेजने की बात की थी। रुपए नहीं मिलने से आक्रोशित किसान योगेन्द्र मंडल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। टीकापट्टी पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटना के बाबत आरोपी किसान के घर वालों की खोजबीन शुरू की तो घंटों बाद आरोपी योगेंद्र मंडल की पत्नी सुलेखा देवी सामने आई। सुलेखा देवी ने पुलिस को बताया कि एक माह पूर्व उनके बड़े बेटा अभिजीत ने 70 क्विंटल मकई कुर्सेला के सकलदीप चौरसिया को बेचा था। बिक्री के बाद दस मिनट में रुपये देने की बात कर सकलदेव फरार हो गया। उसी दिन से लगातार व्यापारी की खोजबीन शुरू की। 15 दिन पूर्व सकलदीप को अभिजीत कुर्सेला से पकड़कर घर लाया था, लेकिन रात में सकलदेव चुपके से फरार हो गया। उसके बाद से अभिजीत सकलदीप के पीछे लगा रहा। खुद आरोपी की मां सुलेखा देवी ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की शाम को पता चला कि सकलदीप अपने कुछ दोस्तों के साथ कुर्सेला हाई स्कूल के पास है। साथ में अभिजीत की मां सुलेखा देवी भी सकलदीप को पकड़ने गई थी। पहले वहां दोनों तरफ से हाथापाई भी हुई, लेकिन अभिजीत ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सकलदीप को चारपहिया वाहन में जबरन बैठा कर कुर्सेला से डुमरी अपने घर लेकर चला आया। रुपए नहीं मिलने के आक्रोश में व्यापारी के साथ पूरी रात मारपीट की गई। सुबह जब घर के लोग जगे और जिस कमरे में व्यापारी को बंद किया था उसका ताला खोला तो व्यापारी सकलदीप की मौत हो चुकी थी। यह देख सभी फरार हो गए।

मृतक के पिता का मक्का बेचने की बात से इंकार
मृतक के पिता राधेश्याम चौरसिया के साथ आए दर्जनों परिजनों ने पुलिस के समक्ष सकलदीप चौरसिया के द्वारा मक्का खरीद-बिक्री करने की बात को सिरे से खारिज किया। मृतक के पिता राधेश्याम चौरसिया ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की देर रात जब उसका बेटा घर नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। मोबाइल भी बंद आ रहा था। सुबह फिर से खोजबीन शुरू की तो कुछ लोगों ने बताया कि कुछ लोग सकलदीप के साथ मारपीट कर वाहन में जबरन बैठाकर ले गए हैं। इसके बाद टीकापट्टी पुलिस को सूचना मिली कि उसके बेटे की हत्या डुमरी गांव में हो गई है। लाश योगेंद्र मंडल के घर में है।

किसान ने कुर्सेला थाने में सकलदीप के खिलाफ दिया था आवेदन
आरोपी की पत्नी सुलेखा देवी ने बताया कि जब सकलदीप बकाया रुपए नहीं देने लगा तो उसके बेटे अभिजीत ने कुर्सेला थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। कुर्सेला पुलिस ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही थी। जांच के दौरान पुलिस ने सकलदीप के खिलाफ लगाए गए आरोप का पुख्ता साक्ष्य मांगा। लेकिन, सकलदीप ने मकई खरीदने के समय किसान को साक्ष्य के रूप में कुछ नही दिया था। यहां तक कि मक्का के वजन का धर्मकांटा स्लिप भी सकलदीप ने अभिजीत से धोखे से लेकर फरार हो गया था। कुर्सेला के लोगों का कहना है कि सकलदीप पर पूर्व में भी ठगी के दर्जनों आरोप है। दूसरे का बकाया रुपये चुकता नहीं करने के कारण सकलदीप घर छोड़कर फरार था। शुक्रवार को देर शाम ही सकलदीप कुर्सेला पहुंचा था।

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