मेडिकल कॉलेज की व्यथा:मेडिकल कॉलेज में एक्सपर्ट डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की कमी : सुपरिटेंडेंट

पूर्णिया18 दिन पहले
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  • कोराना होने पर सामान्य मरीज को घर में किया जाएगा आइसोलेट

एक ओर जिले की स्वास्थ्य सुविधा का दायित्व संभाले सिविल सर्जन का दावा है कि कोरोना से निपटने के लिए हमने सभी तैयारी पूरी कर ली है तो दूसरी तरफ कोविड की तैयारी के संबंंध में पूछने पर मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेन्डेन्ट वरुण ठाकुर ने बताया कि यहां कोविड एक्सपर्ट डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की कमी है। पिछली बार कोविड मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाने से 5 मेडिकल ऑफिसर को बुलाया गया था। लेकिन कोविड कंट्रोल हो जाने पर 3 डॉक्टर चले गए। बाकी एक 7 मई को चले गए और एक 16 मई को जा रहे हैं। यहां प्रतिदिन 50 एंटीजन व 700 आईटीपीसीआर टेस्ट हो रहा है। टेस्टिंग प्रतिदिन बढ़ रही है। बुधवार को जहां 600 टेस्टिंग हुई वहां गुरुवार को 700 एवं शुक्रवार को 800 टेस्टिंग हुई। लेकिन आईसीयू में तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ नहीं हैं।

कोविड से बचने के लिए व्यायाम बहुत ही जरूरी
मेडिकल कॉलेज अधीक्षक वरूण ठाकुर ने कहा कि कोविड से बचने के लिए व्यायाम अवश्य करना चाहिए। कोरोना से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लोगों को दूरी बरकरार रखनी चाहिए। समय-समय पर हैंडवॉश करते रहना चाहिए। वहीं,डॉ ए.अहद ने कहा कि कोरोना कोरोना अभी गया नहीं है। इसलिए खान-पान में सुपाच्य भोजन ही लेना चाहिए। साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें,दूरी का पालन अवश्य करें। वेक्सिन की तीनों डोज अवश्य लें। उन्होंने कहा कि समयानुसार सरकार के निर्देश का पालन करते हुए दिए जा रहे स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठाते रहें।

जिले में प्रतिदिन की जा रही मरीजों की कोरोना जांच

सीएस का दावा है कि कोविड-19 जांच के लिए जिले में आरटीपीसीआर लैब कार्यरत हैं। जहां प्रतिदिन 600 से 800 लोगों की कोविड-19 टेस्टिंग की जाती है। जांच के बाद सम्बंधित व्यक्ति को उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा जानकारी दी जाती है कि वह संक्रमण से सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि जिले में संक्रमण से सुरक्षा के लिए 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका की दोनों डोज लगाने के साथ ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रीकॉशन डोज भी लगायी जा रही है।

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