बाढ़ का कहर:महानंदा 7, कनकई 34 सेंमी खतरे के निशान से नीचे, मीरटोला महेशबथना में घर तोड़ रहे लोग

बायसी /अमौर2 महीने पहले
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अमौर के मीरटोला महेशबथना में घर तोड़ रहे लोग। - Dainik Bhaskar
अमौर के मीरटोला महेशबथना में घर तोड़ रहे लोग।
  • नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से फिर बायसी, अमौर और बैसा प्रखंड में कटाव और बाढ़ का खतरा
  • ताराबाड़ी के निचले इलाकों में घुसा पानी, मजलिसपुर सड़क पर पानी चढ़ने के कगार पर

नेपाल की तराई सहित सीमांचल क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से अनुमंडल क्षेत्र से गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी होने लगी है। महानंदा नदी खतरे के निशान 35.65 मीटर से महज 7 सेंटीमीटर नीचे है। महानंदा नदी कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है। वहीं कनकई नदी खतरे के निशान 46.94 मीटर से 34 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। कनकई नदी के भी जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। परमान नदी खतरे के निशान 47 मीटर से 70 सेंटीमीटर नीचे है। नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण से एक बार फिर से बायसी, अमौर और बैसा प्रखंड में नदी से हो रहे कटाव और बाढ़ का खतरा बन गया है। नदी में पानी भर जाने से एवं पानी का घोर मटमैला रंग देखते ही नदी किनारे बसे लोग में बाढ़ का डर सताने लगा है। इससे लोग काफी सहमे हुए हैं। कनकई नदी के बढ़ रहे जलस्तर के कारण से एक तरफ जहां बायसी प्रखंड के ताराबाड़ी पंचायत के निचले इलाकों में नदी का पानी घुसने लगा है। बनगामा पंचायत के मजलिसपुर सड़क पर पानी चढ़ने के कगार पर है। दूसरी तरफ अमौर प्रखंड के खाड़ी महीनगांव पंचायत के मीरटोला महेशबथना में एक बार फिर कटाव तेज हो गया है। इससे मजबूर होकर लोग अपना आशियाना तोड़ रहे हैं और ऊंचे स्थान में जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग द्वारा अब तक कटाव निरोधक कार्य शुरू नहीं किया गया है। हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड में है। बायसी बीडीओ अनित कुमार और सीओ मो. इस्माइल ने बनगामा पंचायत के कटावस्थल का जायजा करने के लिए लोगों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।

बनगामा पंचायत में महानंदा नदी से कटाव की कगार पर घर।
बनगामा पंचायत में महानंदा नदी से कटाव की कगार पर घर।

जलस्तर में बढ़ोतरी से ऊंचे स्थानों की तलाश
कनकई एवं महानंदा नदी के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी के कारण महानंदा नदी के किनारे बसे ग्रामीण ऊंचे स्थानों की तलाश कर रहे हैं। महानंदा नदी के किनारे बसा हफनियां पंचायत के डमराह, तेलंगा एवं परमान नदी किनारे बसा गांव पोठिया गंगेली पंचायत के तरोना, बिष्णुपुर पंचायत के मंगलपुर, छतरपुर बरबट्टा पंचायत के मैनापुर, रसेली, कदगंवा, बिजलिया गांव, अधांग पंचायत के कोहबरा गांव, मच्छटठा पंचायत के परसराई, मुजफ्फरनगर, रंगरैया लाल टोली पंचायत के सुर्यापुर बासोल, खाड़ी महीन गांव, अमौर पंचायत के ढरिया गांव, खरहिया पंचायत के इस्लामपुर गांव नितेन्दर पंचायत के बेलगच्छी गांव के लोग काफी सहमे हुए हैं। कनकई नदी से ज्ञानडोव पंचायत के सीमलबाडी मोदी टोला, सिमलबारी आदि गांव के लोग काफी सहमे हैं।

कोई रिश्तेदार के यहां शरण ले रहा तो कोई सड़क किनारे

अभी बायसी प्रखंड में बाढ़ जैसे हालत नहीं हैं, लेकिन सभी नदियां खतरे के निशान को छूने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। इससे ताराबाड़ी, चनकी ताराबाड़ी, सानी ताराबाड़ी, खाड़ी पंचायत, मीनापुर पंचायत के चहट, गोटफर, नया टोला गोटफर, खूटिया, बनगामा, मडवागांव, गांगर के मालोपाडा तेलंगा, पुरानागंज पंचायत के भीखनपुर, सुगवा महानंदपुर पंचायत के वार्ड-12 में कटाव हो रहा है और कई घर नदी में समाने के कगार पर हैं। ग्रामीण संजय राय, नैयर आलम, पूर्व मुखिया सोनेलाल राय सहित उपमुखिया मिथुन कुमार ने बताया बनगामा पंचायत के मजलिसपुर में पानी सड़क पर चढ़ने के कगार पर है। महानंदा नदी के जलस्तर बढ़ने से सड़क पर पानी चढ़ रहा है। ताराबाड़ी गांव सहित चनकी गांव में लोग अपना सामान समेत कर नाव से पलायन कर रहे हैं। ताराबाड़ी चनकी की 55 वर्षीय महिला उमती ने बताया कि हमलोग अभी रिश्तेदार के यहां शरण लेने जा रहे हैं। मुखिया ऐजाज अंजुम ने बताया ।कोई रिश्तेदार के यहां तो कोई सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं।

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