लापरवाही:ड्रेसिंग को लेकर भिड़े चिकित्सक व जीएनएम नर्स, बिना स्टिच लगाए ही मरीज वार्ड में शिफ्ट

पूर्णियाएक महीने पहले
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मेडिकल कॉलेज स्थित इमरजेंसी वार्ड, जहां कर्मियों की कमी है। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॉलेज स्थित इमरजेंसी वार्ड, जहां कर्मियों की कमी है।
  • फार्मासिस्टों की कमी से मेडिकल कॉलेज की आपातकालीन सेवा पर असर

फार्मासिस्टों के विरमित होते ही मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन सेवा के लचर व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। शनिवार के सुबह लगभग दस बजे केनगर थाना के पास हुए सड़क दुर्घटना में घायल फेकन यादव व सोनू यादव के माथे में स्टिच लगाने को लेकर आपातकालीन सेवा में लगे डॉ. राकेश कुमार एवं मेल नर्स में झड़प होने लगी। डॉ. कुमार ने कहा कि मैं स्टिच नहीं लगाउंगा, स्टीच लगाना नर्सों का काम है। मेल नर्स श्रीराम व्यास डॉक्टर से स्टिच लगाने का आग्रह करते रहे और अंत में बिना स्टिच लगाए ही दोनों मरीज को वार्ड में शिप्ट कर दिया गया। सनद रहे कि शुक्रवार को जहां दो मेल के सहारे आपातकालीन सेवा का संचालन हुआ, वहीं शनिवार को एक फीमेल नर्स की बढ़ोतरी कर आपातकालीन सेवा का संचालन हो रहा है। इसमें गंभीर मरीज खासकर ड्रेसिंग करने में समस्या दिख रही है। लगभग तीन बजे अपराह्न सांप, बिच्छू के काटे मरीज को वार्ड में पहुंचाने की हड़बड़ी रही तो पेड़ से गिरकर घायल होने वाले मरीज व सड़क दुर्घटना के शिकार मरीज को चिकित्सक अच्छी इलाज के लिए अन्यत्र ले जाने की सलाह देते रहे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की जो स्थिति है उससे दलाल के प्रवेश की संभावना बढ़ चली है। चिकित्सक, स्टाफ की कमी का रोना रो रहे हैं। नाम न छापने की शर्त्त पर कुछ चिकित्सकों ने बताया कि बिना स्थानापन्न स्टाफों की व्यवस्था किए फार्मासिस्टों को स्थानान्तरण किया जाना आपातकाल सेवा में कभी भारी व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।

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