पंचायत समिति सदस्य शहबाज आलम व मोनाजिर मामला की हत्या:आवास योजना में पैसे लेने का मेरे पति ने किया था वीडियो वायरल, इसीलिए मार डाला

बायसीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में जनप्रतिनिधियों के द्वारा पैसे लेने का विरोध करना पंचायत समिति सदस्य को महंगा पड़ा। पंचायत समिति सदस्य शहबाज आलम और उनके सहयोगी मोनाजीर की हत्या मामले में शहबाज की पत्नी शाहाना ने बताया कि मेरे पति भ्रष्टाचार मामले का वीडियो वायरल किए थे। वे आवास योजना में जनप्रतिनिधियों के द्वारा पैसे लेने का विरोध करते थे। इसके कारण उन्हें धमकियां भी मिली थी और अन्तत: उन्हें मार डाला गया।

इधर,बायसी थाना क्षेत्र अंतर्गत ताराबाड़ी पंचायत के ताराबाड़ी गांव में मंगलवार शाम पंचायत समिति सदस्य शहबाज आलम और उनके सहयोगी मोनाजिर हत्याकांड में मृतक पंचायत समिति सदस्य शहबाज आलम की पत्नी शाहाना ने पंचायत के मुखिया, सरपंच और स्थानीय प्रतिनिधि पर पति की हत्या का आरोप लगाते हुए बायसी थाना में 17 लोगों के खिलाफ आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है। बायसी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी के द्वारा 17 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया गया है। आवेदन में मृतक की पत्नी ने कहा है कि कुछ लोग मेरे पति को बुला कर ले गए थे।

मारपीट के दौरान पति की हत्या कर दी गई। पत्नी के आवेदन के आधार में मामले की जांच की जा रही है। इधर,बायसी पंचायत समिति सदस्य शहबाज आलम व उनके सहयोगी मोनाजीर की हत्या मामले में शहबाज की पत्नी ने कहा कि सरकारी योजना में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरे पति हमेशा आवाज उठाते थे। मेरे पति शहबाज को रास्ते से हटाने के लिए उनकी हत्या की गई है।

मुखिया ने कहा-सभी आरोप गलत, घटना के समय मैं पत्नी के साथ बीमार मामा को देखने गया था आसजा मवैया

परिजनों ने कहा-समय से पहुंचते अस्पताल तो बच जाती जान, नदी पार करने में लगे दो घंटे परिजनों ने बताया कि घटना के बाद घायल अवस्था में खटिया पर लादकर समिति सदस्य शाहबाज आलम को ताराबाड़ी घाट लाए। जहां कनकई नदी में पुल नहीं होने के कारण नाव से पार करने में करीब 2 घंटे से अधिक का समय लग गया। घटना के करीब 3 घंटे के दौरान समिति सदस्य की मौत हुई। मौत डगरुआ थाना क्षेत्र में करीब 9:30 बजे हुई है। प्रखंड मुख्यालय से ताराबाड़ी की दूरी करीब मात्र 7 किलोमीटर है। अगर ताराबाड़ी घाट में पुल बना होता तो बायसी पहुंचने में 10 मिनट मात्र लगता जिससे समय पर समिति सदस्य का इलाज होता और जान बच जाती।

रात होने की बात कह, नहीं पहुंची एसडीआरएफ की टीम रात होने के कारण एसडीआरएफ की टीम बोट चलाने में असमर्थ बता कर अपना पल्ला झाड़ दिया। इससे साफ पता चलता है कि बाढ़ में प्रशासन के द्वारा कैसी तैयारी की गई है। वहीं,सीओ मो.इस्माइल ने बताया कि रात के अंधेरे में बोट चलाने में समस्या के कारण एसडीआरएफ की टीम नहीं गई है। रात के समय में बोट चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

घटना के समय मैं नहीं था घर पर, पत्नी के साथ गया था बीमार मामा को देखने, आरोप गलत: मुखिया आरोपी मुखिया एजाज अंजुम ने बताया कि मुझ पर लगाया गया आरोप गलत है। उस समय मैं अपनी पत्नी के साथ आसजामोवैया पंचायत के मोवैया में अपने बीमार मामा को देखने गया था। बाद में पता चला कि समिति सदस्य शाहबाज की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि गांव की ही एक बेटी का शाहबाज द्वारा वीडियो वायरल कर दिया गया था। इससे लड़की के परिजन सहित अन्य लोग खफा थे। मंगलवार को शाहबाज और उसके सहयोगी आकर वार्ड सदस्य पर हमला बोल दिया। साथ ही आवास योजना के पैसे की मांग करने लगा। इसी बाबत दोनों में मारपीट के दौरान ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। वहीं, सरपंच शौकत ने बताया कि इस मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है।

आपसी दुश्मनी में धारदार हथियार से समिति सदस्य और उसके सहयोगी की हत्या आपसी दुश्मनी में धारदार हथियार से समिति सदस्य शाहबाज आलम और उसके सहयोगी मोनाजीर की हत्या की गई है। 15- 20 लोगों द्वारा गुट बनाकर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया है। रात में ही पुलिस गांव गई थी। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कनकई नदी से कटाव के कारण ताराबाड़ी पूरी तरह टापू बना हुआ है। ताराबाड़ी जाने का एकमात्र रास्ता नदी मार्ग ही है। जिसके कारण गिरफ्तारी में परेशानी हो रही है। लेकिन जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आदित्य कुमार,एसडीपीओ

खबरें और भी हैं...