जल्दबाजी जीवन पर भारी:शादियों वाले सीजन में बढ़ गए सड़क हादसे, चिंता में परिजन

बिक्रमगंज18 दिन पहले
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शहनाइयां गांव व घर के आंगन में गूंज रही है। शादी की सीजन चरम पर है। इस बीच लोगों की जल्दबाजी जीवन पर ही भारी पड़ रहा है। शहनाइयों के गूंज के बीच में कई जगहों पर मातमी माहौल हो जा रहा है। बढ़ रहे सड़क हादसों के कारण असमय लोग काल के गाल में समा रहे हैं और घर के आंगन सुन पड़ रहा है। अप्रैल से जून तक शादियों का सीजन माना जाता है और अक्सर लोग को शादी विवाह के काम को लेकर जल्दबाजी रहता है।

शादी में जाने की जल्दबाजी या शादी से लौटने की हड़बड़ी सड़कों पर रफ्तार के कहर परेशानी का सबब बन रहा है। शादियों से रात में में वापस लौटने के एक दौर शुरु है ऐसे में अक्सर बराती वाहन के चालकों को लौटने को मजबूर कर रहे है, चालकों की नींद पूरा नही होने से घटनाएं घट रही है। यही नहीं शादी समारोह में शामिल होने जा रहे बाइक सवारों की भी कम जल्दबाजी नहीं रह रहा है।

2020 में 13 तो 2021 में 16 कई हुई थी मौत
आंकड़ों पर नजर दौड़ाते है तो 2020-21 में कोरोना काल था प्रतिबंध के बीच कुछ शादियां हुई। उसमें में जल्दबाजी व हड़बड़ी रही। जिस क्रम में 2020 में 13 तो 2021 में 16 लोगों की शादी समारोह में जाने व आने के दौरान सड़क में मौत हुई थी। यह सारे सड़क हादसा अप्रैल से जून के बीच हुई है। बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के संझौली,राजपुर,दावथ,सूर्यपुरा,नासरीगंज, दिनारा कराकाट प्रखंड में घटा है। इस तरह आंकड़े देखे जाए तो 2022 के अप्रैल से अब तक कुल बिक्रमगंज अनुमंडल के अलग अलग जगहों पर 18 सड़क हादसा हो चुका है जिसमें 8 लोग जान गंवा चुके हैं।

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