राष्ट्रीय लोक अदालत:17 साल में ढाई लाख हो गया बैंक से लिया 40 हजार का लोन, 1.10 लाख में समझौता

सासाराम10 दिन पहले
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राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निपटारा करते पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निपटारा करते पदाधिकारी।
  • सासाराम में 595 मामले निबटाए गए, 4.05 करोड़ रुपए का सेटलमेंट

सासाराम कोर्ट परिसर में आयोजित लोक अदालत में बैंक ऋण से संबंधित तरह-तरह के मामले सामने आए। जिसमें एक मामला ऐसा आया कि ग्राहक को बीस हजार के बदले ढ़ाई लाख देने की स्थिति खड़ी हो गई। मध्य बिहार ग्रामीण बैंक के करूप शाखा से 17 साल पहले 40 हजार रुपए का किसान क्रेडिट कार्ड एक किसान ने लिया था। जिसका बीस हजार रूपया कुछ किस्तों में जमा भी किया। बाकी के 20 हजार रुपए जमा करने में 17 साल लग गए। इधर बैंक का ब्याज का ब्याज इस कदर बढ़ा की 20 हजार की राशि ढ़ाई लाख कर्ज के रूप में सामने खड़ी हो गई।

अधिवक्ता विश्वजीत गुडू ने बताया कि ग्राहक जब बैंक पहुंचा तो स्थिति सचमुच हतप्रभ करने वाली थी। ग्राहक ने भी नहीं सोचा था कि उसके बीस हजार रुपए के कर्ज ढ़ाई लाख को पार कर जाएगें। बैंक के अधिकारियों से बातचीत शुरू हुई। अंत में मामला एक लाख 10 हजार पर आकर सुलह हुआ। इस बार के वित्तीय लेनदेन संबंधित बैंकों से जुड़े दर्जनों ऐसे मामले सामने आए जो काफी रोचक थे। कहीं 50 हजार की राशि तीन लाख तक पहुंची थी तो कहीं एक लाख की राशि 4 लाख की सीमा को पार कर गई थी। हालांकि इन वादों को सुलझाने का प्रयास किया गया।

जिला जज बोले- राष्ट्रीय लोक अदालत में सहमति से सौहार्दपूर्ण वातावरण में मामलों का निपटारा

सुलह के बाद नहीं कर सकते कहीं अपील

राष्ट्रीय लोक अदालत ऐसी संस्था है जिसमें दोनों पक्षों की आपसी सहमति एवं राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में मामलों का निपटारा होता है। इससे त्वरित न्याय मिलता है जिसका कहीं कोई अपील नहीं होता है एवं आपसी वैमनस्य एवं मुकदमों में हार जीत की प्रतिद्वंदिता का भी समापन हो जाता है। उक्त बातें शनिवार को सासाराम व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यक्रम के दौरान जिला जज अरूण कुमार श्रीवास्तव ने कही। सिविल कोर्ट स्थित जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री अमित राज एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से किया। कार्यक्रम में जिला जज के अलावा रोहतास जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष कन्हैया पांडेय, रोहतास बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विनी कुमार सिन्हा व अन्य थे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में गठित ग्यारह बेंचों के माध्यम से मामलों का निष्पादन

बेंच संख्या -1 में वैवाहिक वाद हेतु एडीजे प्रथम आशुतोष कुमार श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता नीतू कुमारी ने 12 दावा वादों का किया निबटारा । बेंच संख्या- 2 में अपर जिला जज सोलह सुनील कुमार एवं अधिवक्ता कन्हैया राम ने 05 वैवाहिक वादों का निबटारा किया। बेंच संख्या- 3 में पंजाब नेशनल बैंक हेतु अपर जिला जज आठ आलोक कुमार पाण्डेय एवं अधिवक्ता जनार्दन प्रसाद ने 218 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या -4 में माइनिंग,ग्राम कचहरी, मापतौल एवं वन विभाग के वादों हेतु अपर जिला जज उन्नीस पुनीत मालवीय एवं अधिवक्ता विश्वजीत कुमार ने 04 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या- 5 में चेक बाउंस, श्रमिक, एक्साइज एवं टेलिफोन के वादों हेतु एडीजे अठारह बृजेश मनी त्रिपाठी एवं अधिवक्ता रविन्द्र कुमार ने 12 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या -6 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सभी शाखाओं हेतु एडीजे बाईस छेदी राम एवं अधिवक्ता बिनोद शर्मा ने 27 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या- 7 में सभी सुलहनीय फौजदारी मामलों हेतु सीजेएम शक्तिधर भारती एवं अधिवक्ता पारस नाथ सिंह ने 12 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या-8 दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के सभी शाखाओं हेतु एसीजेएम राघवेन्द्र नारायण सिंह एवं अधिवक्ता विश्वजीत कुमार ने 223 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या-9 सभी सुलहनीय फौजदारी मामलो(एसडीजेएम कोर्ट) हेतु एसडीजेएम विद्यानंद सागर एवं अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने 17 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या-10 में केनरा ,यूनाईटेड, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट एवं अन्य बैंक हेतु सबजज चार अदिति गुप्ता एवं अधिवक्ता शिवनाथ सिंह ने 59 मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या-11 में भूमि विकास बैंक,इंडियन ओवरसीज, आईबीडीआई,एवं अन्य निजी बैंकों के मामलो के निष्पादन हेतु एसीजेएम दिलीप कुमार राय एवं अधिवक्ता सुजीत कुमार सिंह ने 06 मामलों का निपटारा किया।

अदालत की सुरक्षा व्यवस्था थी चुस्त
सभी मंचासीन पदाधिकारियों ने बारी बारी से लोक अदालत की खूबियों एवं इससे होने वाले फायदों के बारे में उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के मद्देनजर फरियादियों के सुविधा हेतु कुल 11 बेंचों का गठन किया गया था। जिनके माध्यम से कुल 595 मामलों का निबटारा किया गया,इस दौरान बैंकों एवं बीमा कंपनियों के 4 करोड़ 5 लाख रुपयों का पक्षकारों से सेटलमेंट किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रत्येक बेंच में मुकदमों के निबटारे हेतु एक न्यायिक पदाधिकारी एवं एक अधिवक्ता मौजूद थे। आमदिनों की अपेक्षा शनिवार को कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी काफी चुस्त दुरुस्त नजर आई। पक्षकारों की सुविधा का भी बखूबी ध्यान रखा गया था। जगह जगह पर पेयजल, हेल्प डेस्क, बैठने एवं चिकित्सा की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में मंच संचालन मनोज कुमार पाण्डेय ने किया। इस मौके पर तमाम न्यायिक पदाधिकारी कोर्ट में मौजूद थे। अपने-अपने मामलों को लेकर विभिन्न पक्षों के लोग राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचे थे। गहमागहमी का माहौल रहा।

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