तैयारी पूरी:विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की आज होगी पूजा

सासाराम9 दिन पहले
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  • मां सरस्वती प्रतिमा की खरीदारी को लेकर स्कूली बच्चे व छात्र-छात्राओं में काफी उत्सुकता देखी गई

जिले भर में 26 जनवरी दिन गुरुवार को मां सरस्वती की पूजा धूमधाम से की जाएगी। बसंत पंचमी के दिन होने वाली मां सरस्वती की पूजा को लेकर जिले भर में तैयारी पूरी कर ली गई है। पूजा को लेकर पंडाल निर्माण कार्य भी बुधवार की शाम तक लगभग पूर्ण हो गए।पूजा को लेकर खासकर के छात्रों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। जिला मुख्यालय बुधवार की शाम से हीं पूरी तरह मां की भक्ति में सराबोर हो रहा था। सभी लोग मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर अपने-अपने पंडाल की ओर ले जाते हुए देखे गए।सरस्वती प्रतिमा की खरीदारी को लेकर स्कूली बच्चे व छात्र-छात्राओं में काफी उत्सुकता देखी गई। वहीं सुदूरवर्ती क्षेत्रों से भी मां की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर भारी संख्या में लोग प्रतिमा लेने सासाराम पहुंचे थे।

वहीं, जिले के अन्य प्रखंडों में भी सरस्वती पूजा को लेकर काफी उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी मां की प्रतिमा एवं पूजा की सामग्री लेने के लिए काफी संख्या में लोग शहर पहुंचे थे।पूजा को लेकर बाजार में देर शाम तक चहल पहल बनी रही। शाम तक अधिंकाश पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमा भी स्थापित कर दी गई थी। पंडालों की सजावट रात्रि में दिव्य छटा बिखेर रहा था। वहीं डीजे पर बज रहे आध्यात्मिक भजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

सुबह 7:44 बजे से 10:42 बजे तक शुभ मुहूर्त

आचार्य पंडित रामअवधेश चतुर्वेदी ने बताया कि मां सरस्वती की पूजा अर्चना के लिए गुरुवार को सुबह 7:44 बजे से 10:42 बजे तक शुभ मुहूर्त है। वसंत पंचमी यानी शनिवार के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा स्थान की सफाई कर लें। इसके बाद वहां पर माता सरस्वती की फोटो या मूर्ति को स्थापित कर दें। अब सर्वप्रथम पूज्य गणेश जी की आराधना करें और नौ ग्रहों की पूजा कर लें। इसके उपरान्त मां शारदा की पूजा करें। उनको गंगा जल से स्नान कराएं और पीले पुष्प, अक्षत, दीप, धूप, पीला गुलाल, गंध आदि अर्पित करें। उनको पीले फूलों की माला पहनाएं या फिर सफेद पुष्प की माला भी पहना सकते हैं। माता सरस्वती को पीले रंग के फल अर्पित करें। श्रृंगार सामग्री भी चढ़ा सकते हैं। मां शारदा को सफेद रंग का वस्त्र चढ़ाएं। फिर उनको खीर, मालपुआ या सफेद रंग की मिठाई अर्पित करें। अब सरस्वती वंदना करें और उनके मंत्रों का जाप कर सकते हैं। माता-पिता इस दिन बच्चों को माता सरस्वती के आशीर्वाद के साथ पढ़ाई की शुरूआत करवाते हैं।

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