डिप्रेशन का इलाज तंत्र-मंत्र नहीं, आधुनिक मेडिकल साइंस में:एनएमसीएच के मनोचिकित्सा विज्ञान विभाग के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश

सासारामएक महीने पहले
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नाटक पेश करते छात्र। - Dainik Bhaskar
नाटक पेश करते छात्र।

रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अंतर्गत मनोचिकित्सा विज्ञान विभाग के द्वारा सोमवार को डिप्रेशन एवं अन्य मनोरोग के विषय में जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत मेडिकल कॉलेज के ओपीडी एरिया में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम लोगों को यह बताया गया कि अगर परिवार का कोई सदस्य कुछ अलग व्यवहार कर रहा है अथवा किसी काम में उसे मन नहीं लगता या रात दिन कुछ सोचते रहता है। ऐसी स्थिति में तत्काल उसे मनोचिकित्सक का परामर्श लेना अति आवश्यक है।

बताया कि ऐसा नहीं करने तथा अंधविश्वास के अंतर्गत तंत्र मंत्र या अन्य प्रकार की संभावनाओं के बीच जाना उस मनोरोगी के लिए जान का खतरा भी बन सकता है। आजकल मनोरोग से प्रभावित व्यक्ति आत्महत्या करने से भी नहीं चूकते, इसलिए किसी भी प्रकार के मानसिक विकृति अथवा अलग व्यावहार वाले व्यक्ति, किसी भी परिवार में हो तो उन्हें मनोचिकित्सक से तत्काल परामर्श दिलाना चाहिए।

कार्यक्रम का संयोजन मनोचिकित्सा विभाग की डॉ अंजना गांधी एवं डॉ कुमार उत्कर्ष के नेतृत्व में किया गया। जिसमें एमबीबीएस स्नातक के छात्रों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ एस् अली इमाम, अस्पताल महाप्रबंधक संचालन उपेंद्र कुमार सिंह समेत विभिन्न संकायों के चिकित्सक एवं एमबीबीएस छात्र उपस्थित थे।

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