गुप्त नवरात्रि:गुप्त नवरात्र आज से, साधना की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण

करजाईनएक महीने पहले
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वर्ष में चार नवरात्रि होते है दो प्रखर प्रधान एवं दो गुप्त। जिसमें से आषाढमास की नवरात्रि अति गुप्त है| यह गुप्त नवरात्रि में साधक अपनी साधना कर अनेकानेक मनोकामना को प्राप्त कर समाज कल्याण करते हैं। गोसपुर निवासी आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि 30 जून से हो रहे गुप्त आषाढी नवरात्र में साधक अपनी इन्द्रिय को संयमित कर सहस्त्रवार चक्र को एवं कुंडलिनी शक्ति को जागृत कर अनेक मन्त्र, यन्त्र, एवं तन्त्र को सिद्धि प्राप्त करते हैं। साधना भी अन्य नवरात्रियों की तरह ही होती है। यह अन्य नवरात्रि की तरह प्रखरता से नहीं होती, यह गुप्त नवरात्रि होती है।

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