दो दिन की बारिश में बढ़ा कोशी का जलस्तर:सहरसा में सैकड़ों एकड़ खेत नदी में समाया, किसान हुए हलकान और परेशान

सहरसा3 महीने पहले
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बाढ़ देखते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
बाढ़ देखते ग्रामीण।

सहरसा जिले में दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जलस्तर में काफी बढ़ोतरी हुई है। सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंडवासी हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका और नदी का जलस्तर बढ़ने व घटने से कटाव की त्रासदी झेलते है। वहीं चानन, डेंगराही के बाद बगेवा उतरी भाग के खेतों में बुधवार देर रात्रि से भीषण कटाव जारी है जिससे ग्रामीणों व किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी है। नदी के तेज धार व करेंट के चलते खेतों में लगी फसल सहित उपजाऊ भूमि कटकर कोशी के गर्भ में समाहित हो रही है। उपजाऊ भूमि में हो रहे तेजी से कटाव जैसी तबाही के कारण किसानों को आर्थिक बर्बादी से परेशानी बढ़ गयी है।

बतातें चलें कि जिले के सलखुआ प्रखंड के उटेशरा पंचायत व अन्य गांव के किसानों की रैयती भूमि को कोशी नदी लील रही है। जिससे किसान हलकान और परेशान हैं। कोशी नदी में जलस्तर के घटने - बढ़ने से बगेवा उतरी भाग के खेत खलिहान में भीषण कटाव जारी है। मालूम हो कि बगेवा गांव कोशी नदी के तट पर बसा हुआ है। आधा गांव व खेत खिलहान को कोशी नदी अपनी आगोस में ले चुका है।वहीं अब बगेवा के उत्तरी भाग के खेतों में भीषण कटाव जारी है, उपजाऊ भूमि को नदी में विलीन होता देख किसान के मुख पर चिंता साफ दिखाई दे रही है व किसान भयभीत हैं।

वहीं कटाव को लेकर किसान रामचंद्र यादव की माने तो हमलोगों को परेशानियां सदियों से आ रहा है,परेसानी तो काफी है।जमीन जो हमलोगों को जो थोड़ा बहुत बचा हुआ है जीविका चलाने के लिए वो भी कट रहा है आठ दिनों से काफी कटाव जारी है।कोई भी प्रशासनिक मदद नहीं मिला है,ना बीडीओ आया है ना सीओ आया है और ना ही अनुमंडल पदाधिकारी आया है और न डीएम कान में जूं तक गया है।अभीतक हमलोगों को कोई राहत नहीं मिला है।

ग्रामीण चांदनी देवी की माने तो हमलोगों का जमीन कट रहा है दो दिनों से लगभग एक बीघा खेत कट गया है।माल मवेशी जहां पर रखते हैं वो भी कट रहा है।सरकार कुछ नहीं कर रहा है।यह कटाव बीते छह दिनों से हो रहा है

पीड़ित ग्रामीण अभिमन्यु कुमार की माने तो आठ नो रोज से कटाव हो रहा है अभितक कोई विधायक और एमपी नहीं आया है। हमलोगों का जो भी फसल था सब कट गया है और जिस पर हमलोग रह रहे थे वो जगह भी कट गया है। ऐसे में विधायक एमपी को वोट देना भी बेकार है।कोई प्रशासनिक पदाधिकारी देखने नहीं आया है।

पीड़ित ध्रुव कुमार की माने तो बहुत परेसानी है हमलोगों के परिवार का इसी जमीन से भरण पोषण होता है।लेकिन सरकार की ओर से कोई मदद मिलने की गुंजाईस नहीं दिख रही है ।हमलोग दर दर की ठोकर खा रहे हैं,न तो कोई ऊंचा स्थान मिल रही है और न ही कोई सरकार तरफ से राहत मिल रही है।उन्होंने ये भी कहा कि यह कटाव लगभग आठ दिनों से जारी है कोई भी अधिकारी देखने नहीं आया है।हमलोगों की मांग है कि हमलोगों को सुरक्षा चाहिए और जो खेत कट गया है और फसल भी बर्बाद हो गया है उसका मुआवजा दिया जाय।

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