कार्यक्रम:लोक अदालत में 477 वादों का किया गया निपटारा 2.45 करोड़ से अधिक राशि पर हुआ समझौता

सहरसा8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करते जिला जज आलोक राज व डीएम आनंद शर्म। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करते जिला जज आलोक राज व डीएम आनंद शर्म।
  • बैंक रिकवरी के 13587 मामले लिए गए जिसमें 347 का निष्पादन किया गया

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसका उद्घाटन जिला सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार आलोक राज ने किया। मौके पर डीएम आनंद शर्मा बतौर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सहित अन्य वरीय न्यायिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। आयोजित लोक अदालत में मुकदमा पूर्व 363 विवादों का निपटारा किया गया जिससे समझौता राशि 2 करोड़ 1 लाख 38 हजार 44 रुपया रहा। वहीं, 114 लंबित वादों का निपटारा किया गया जिसकी समझौता राशि 44 लाख 58 हजार रुपया प्राप्त हुआ। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला जज आलोक राज ने कहा कि कुशल से कुशल प्लंबर भी लोगों के आंसू को नहीं पोंछ सकता है, ऐसा प्रयास करना चाहिए कि लोगों का आंसू नहीं बहे। उन्होंने कहा लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निपटारा किया जाएगा। इसके लिए बहुत सारे बेंचों का गठन किया गया है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों से अपील करते हुए डीएम ने कहा कि वादी एवं प्रतिवादी खुले मन से कॉमन स्टैंड लें और समझौता करें। इस वित्तीय वर्ष में आयोजित पहली लोक अदालत में मुकदमा पूर्व वादों में बैंक रिकवरी के 13587 मामले लिए गए जिसमें 347 का निष्पादन किया गया जिसकी समझौता राशि 2 करोड़ 1 लाख 16 हजार 254 रुपये रही। टेलीफोन संबंधित 100 मामले सामने आए जिसमें 16 का निपटारा किया गया जिसकी समझौता राशि 21790 रुपये रही। लेकिन मुकदमा पूर्व के लिए गए 100 वैवाहिक मामले में एक का भी निपटारा नहीं हुआ। लंबित वादो में एमएमसीटी के 50 मामले लिए गए जिसमें तीन का निपटारा किया गया जिसकी समझौता राशि 44 लाख 50 हजार रुपये रही। बिजली बिल संबंधित 91 मामले लिए गए जिसमें जिसमें 11 का निपटारा किया जिसकी समझौता राशि 8 हजार रुपये रही।

खबरें और भी हैं...