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लापरवाही:निगम ने स्टेडियम परिसर के बाहरी हिस्से को बना दिया कचरा संग्रहण केंद्र , पार्क में पल भर रहना मुश्किल

सहरसाएक महीने पहले
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स्टेडियम परिसर के उत्तर संग्रहित किए गए कचरा। - Dainik Bhaskar
स्टेडियम परिसर के उत्तर संग्रहित किए गए कचरा।
  • शहर से दूर गाेबर गढ़ा में बनाया गया है कचरा डंप सेंटर, मगर यहां किया जाता है कचरा काे एकत्रित
  • शहर के बीचाे बीख कचरा जमा करने से बनी रहती है संक्रमण फैलने की संभावना

प्रमंडलीय मुख्यालय शहर के जिस स्थान पर सैकड़ों लोग स्वास्थ्यवर्द्धन के लिए रोज जेपी पार्क जाते हैं, बच्चे और खिलाड़ी प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में स्टेडियम परिसर पहुंुचते हैं उस स्थल को नगर निगम ने कचरा संग्रह का मुख्य केन्द्र बना दिया है। स्थिति यहां तक पहुंच गयी है कि शहर भर के जमा हो कचरा से निकलने वाली दुर्गंध के चलते खिलाड़ी बेहोश हो रहे हैं। पार्क में घूमने वाले लोगों का एक पल के लिए वहां टिका रहना मुश्किल हो रहा है। कचरा संग्रहण केंद्र से ना केवल खिलाड़ी प्रभावित हो हैं बल्कि इर्द गिर्द बसे दर्जनों सरकारी आवासीय कॉलनी में रहने वाले परिवारों के लिए जीना दुभर हो गया है। लोगों की मानें तो दोपहर और बारिश के समय स्थिति और विकट हो जा रही है।

इस जगह कचरा संग्रह का कार्य होगा बंद
नगर निगम के नगर आयुक्त आदित्य कुमार ने बताया कि वहां पर कचरा संग्रहित कर जल्द ही उठाव कर गोबर गढा भेज दिया जाता है। कचरा उठाने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर एवं चूना का छिड़काव कर दिया जाता है। कचरा संग्रहण के लिए कहीं तो सरकारी जमीन चाहिए। शहरी क्षेत्र में सरकारी जमीन की खोज की जा रही है । जमीन मिलते ही वहां पर कचरा संग्रहण का काम बंद कर दिया जाएगा।

लाेग समस्या काे लेकर कर चुके है पदाधिकारी से शिकायत
शहर के वार्ड संख्या 1 स्थित स्टेडियम के उत्तरी भाग में नगर प्रशासन कचरा संग्रहण केंद्र बनाया है। शहर के सभी 40 वार्डों को कचरा एकत्रित कर पहले यहीं पर गिराया जाता है तथा उसके बाद वहां से उठाकर कचरा को गोबर गढ़ा में फेंका जाता है। कचरा गिराने और उठाने के कारण वहां का पूरा वातावरण पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। दोपहर के समय वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होने से स्थिति और विकराल हो जाती है। नगर प्रशासन द्वारा अस्थायी तौर पर बनाए गए कचरा संग्रहण केंद्र के उत्तर किनारे स्थित कृषि कॉलोनी के निवासियों की स्थिति वातावरण में फैले बदबू के कारण अत्यधिक खराब है। कृषि कॉलोनी निवासी संजय कुमार हंसदा ने बताया कि दिन भर दुर्गंध फैलता रहता र्ह। सारे शहर का कचरा पहले यहां गिराया जाता है तथा फिर उसे बड़ी गाड़ी से गोबर गढा भेजा जाता है। हल्की बारिश होने पर ज्योही धूप निकलती है तो हमलोगों को घर में रहना मुश्किल हो जाता है। कृषि कॉलोनी के साथ-साथ अगल बगल में रहने वाले लोगों का जीना मुहाल है। स्थानीय कुंदन यादव ने कहा कि कचहरी ढाला रोड में भीड़ भाड़ रहने के कारण शिवपुरी बायपास जानेवाली प्राय: सभी गाड़ियां इसी मार्ग से गुजरती है। आरण , बिशनपुर, मेनहा, खोनहा आदि जगहों के बच्चे इसी मार्ग से सहरसा पढने के लिए आते हैं। बच्चे एवं आम आदमी किसी प्रकार मुंह ढंककर इस मार्ग से गुजरते हैं। बिहार रेफरी सह कार्यालय सचिव जिला फुटबॉल संघ नीतीश मिश्रा ने बताया कि स्टेडियम से सटे उत्तर किनारे कचरा गिराने से स्टेडियम परिसर में बच्चों का खेलना संभव नहीं रह गया है। दुर्गंध के कारण दो-तीन बच्चे स्टेडियम परिसर में मूर्छित हो गए थे। स्टेडियम के किनारे कचरा गिराने से खेल गतिविधि प्रभावित होने के संबंध में 11 मई को डीएम को आवेदन दिया गया था। खिलाड़ी सुभाष कुमार, बिरजु, अमित, सुनील कुमार, , रवि, रौशन कुमार, डब्लू, दिलीप कुमार, प्रदीप कुमार तथा कैलाश कुमार के हस्ताक्षर से दिए आवेदन में जिला फुटबॉल संघ के कार्यालय सचिव ने बताया है कि उसके बाद खिलाड़ियों की समस्या को देखते हुए उन्होंने डीएम को ई- मेल भी किया था तथा बिहार सरकार के कला -संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ आलोक रंजन से भी इस संबंध में शिकायत की थी कि स्टेडियम परिसर को कचरा संग्रहण का केन्द्र बना दिया गया है। मंत्री ने शीघ्र ही समस्या का हल करने की बात कही। दो -चार दिनों तक कचरा गिराना बंद हुआ लेकिन इसके बाद फिर से कचरा गिराया जाने लगा। सदर एसडीओ एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से भी यहां के खिलाड़ियों ने आग्रह किया लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। समस्या के निदान के लिए अभी तक कोई सार्थक पहल नहीं हुआ है। जिस कारण स्टेडियम परिसर में नियमित रूप से होने वाली खेल प्रभावित हो गयी है। खिलाड़ी यहां आना नहीं चाहते।

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