बैठक:सरकारी योजनाओं की सफलता बैंकों पर ही निर्भर वित्त पोषण में समुचित उदारता रखें : डीएम

सहरसा2 महीने पहले
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बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं परामर्शदात्री समिति की त्रैमासिक बैठक बुधवार को समाहरणालय सभा कक्ष में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि जिला का साख जमा अनुपात 53.60% है जो राज्य औसत से अधिक है। उक्त अनुपात में अभी और वृद्धि की गुंजाईश है जिससे इसको राष्ट्रीय औसत के बराबर लाया जा सके । दिसम्बर तिमाही तक जिले का वार्षिक साख योजना में लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि 101% रही है। डीएम ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता प्रमुखतया सार्वजनिक क्षेत्रीय बैंकों पर ही निर्भर करता है। अतः योजनाओं के वित्त पोषण में समुचित उदारता रखें । विशेषकर कृषि एवं एम. एस. एम. इ. प्रक्षेत्र से जुड़ी योजनाओं में ससमय वित्तपोषण करें क्योंकि इस जिले की अर्थव्यवस्था इन्ही क्षेत्रों पर सर्वाधिक आधारित है। उन्होंने कहा कि लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निष्पादन करें जिससे सी. डी. अनुपात में अपेक्षित प्रगति हो सके। लाभुक अपनी व्यापारिक गतिविधि को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने विभिन्न विभागों तथा बैंकों को बैठक कर आवेदनों की अद्दतन स्थिति की समीक्षा करने को कहा । डीएम ने निर्देश दिया कि कृषि, पी.एम. स्वनिधि के ऋण आवेदनों को बैंक तथा कृषि विभाग कैंप मोड में निष्पादन करें। बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने कहा बाजार एवं व्यापारिक गतिविधियाँ पूरी तरह खुल जाने के फलस्वरूप चालू तिमाही में ऋण वितरण में अपेक्षित प्रगति की आशा है तथा इसमें जिले के सभी बैंक आपना पूरा योगदान करेंगे । जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय ने उपस्थित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों से पी.एम.इ.जी.पी., मुद्रा, जीविका, पी.एम.एफ.एम.इ. इत्यादि योजनाओं के प्राप्त आवेदनों का निष्पादन एवं संवितरण कार्य पूर्ण करने के लिए कहा। इस बैठक में प्रभारी डीडीसी विनय कुमार मंडल, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय, क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक, डी.डी.एम. नाबार्ड, डी.पी.एम.जीविका, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, पशुपालन, गव्य विकास, जिला उद्योग केंद्र, नगर परिषद्, सहकारिता विभाग के पदाधिकारी, निदेशक आर. सेट्टी उपस्थित थे।

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