नई व्यवस्था:च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से स्नातक में पढ़ाई

समस्तीपुर2 महीने पहले
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  • शिक्षा विभाग से पत्र प्राप्त होने के बाद अगले सत्र से लागू की जाएगी नई व्यवस्था

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में अगले सत्र से स्नातक स्तर पर च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू हो जायेगा। विवि प्रबंधन इसे अमली जामा पहनाने में जुट गया है। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग से पत्र प्राप्त होने के बाद विवि प्रशासन ने इसे अगले सत्र से लागू करने की कवायद तेज कर दी है। आगामी सत्र 2023-26 से विवि अंतर्गत सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में सीबीसीएस के तहत ही पढ़ाई होगी। इसी के तहत परीक्षा भी होगी। ॉसीबीसीएस को पूरी तरह से धरातल पर लागू करने के लिए इसके ड्राफ्ट ऑर्डिनेंस और सिलेबस को अध्ययन किया जा रहा है। परीक्षा विभाग को इसके प्रारूप से पूरी तरह अवगत होने को लेकर निर्देश जारी किया गया है। बताया जाता है कि सीबीसीएस लागू होने से विद्यार्थियों को नामांकन शुल्क भी साल में दो बार देने होंगे। यानि कुल छह सेमेस्टर रहने पर छह बार नामांकन करा परीक्षा देनी होगी। नामांकन के लिए संभवतः 24 सौ रुपये निर्धारित है, जबकि परीक्षा शुल्क अलग है। मालूम हो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद सभी विश्वविद्यालयों में सीबीसीएस अनिवार्य कर दिया गया है। अब एक वर्ष में दो परीक्षाएं होंगी। एक सेमेस्टर छह महीने का होगा। पढ़ाई से लेकर इंटरनल असेसमेंट और फिर परीक्षाएं होंगी। निर्धारित शुल्क जमा कर पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की है। उनकी ओर से विज्ञान और कला संकाय के विभिन्न विषयों में पढ़ाई की मांग की गई है। बता दें वैसे अंगीभूत और संबद्ध कॉलेज, जो अपने यहां पीजी कोर्स के तहत कुछ विषय शुरू करना चाहते हैं, उनसे प्रस्ताव मांगा गया था। कॉलेजों को आवेदन के लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की गयी थी। इस आलोक में रोहतास के चार संबद्ध कॉलेजों ने आवेदन किया है। इसमें शेरशाह कॉलेज एवं श्रीशंकर कॉलेज शामिल है। वीकेएसयू के वीसी ने बताया कि अब मानक के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य बिंदुओं की जांच होगी। कमेटी पीजी के पठन-पाठन के लिए आधारभूत संरचना का जायजा लेगी। जांच कराकर सभी शर्तों का पालन करते हुए सरकार के पास इसे अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

दो कॉलेजों में जल्द शुरू होगी पीजी की पढ़ाई
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त सासाराम स्थित दो कॉलेजों में उच्च शिक्षा की पढ़ाई होगी। विवि के विभिन्न संबद्ध कॉलेजों में जल्द ही पीजी की पढ़ाई शुरू हो सकती है। इसके बाद छात्र-छात्राओं को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में पीजी कोर्स में दाखिला शुरू हो जाएगा। एकेडमिक काउंसिल व सिंडिकेट के निर्णय के आलोक में कई संबद्धता प्राप्त कॉलेजों ने अपने यहां पीजी कोर्स के लिए विवि को प्रस्ताव भेजा है।

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